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Rekha Arya Case : SIT ने दर्ज किए मंत्री के बयान, फोरेंसिक लैब भेजी जाएगी ऑडियो

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 19 Oct 2026 09:27 PM IST

उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या केस में SIT ने दर्ज किए बयान। मंत्री ने सौंपी अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग, अब फोरेंसिक जांच से खुलेगा पूरा सच।

Rekha Arya Case

मुख्य बातें

  • SIT ने दर्ज किए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के आधिकारिक बयान
  • मंत्री ने सौंपी प्रकरण से जुड़ी अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग, होगी फोरेंसिक जांच
  • कैंट थाने में दर्ज एफआईआर में लगी हैं धोखाधड़ी और एससी-एसटी धाराएं

देहरादून (19 अक्टूबर) : उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या द्वारा दर्ज कराए गए गंभीर आपराधिक मामले में गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने उनके आधिकारिक बयान दर्ज कर लिए। देहरादून के कैंट कोतवाली में दर्ज इस बहुचर्चित मुकदमे में सोमवार को जांच टीम ने मंत्री से प्रकरण से जुड़ी अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हासिल की है।

इस रिकॉर्डिंग को मामले में पुख्ता साक्ष्य मानते हुए विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण और अग्रिम वैधानिक प्रक्रिया के तहत फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा जा रहा है, जिससे पूरे प्रकरण में कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है।

मंत्री के बयान दर्ज, ऑडियो जांच से खुलेगा सच

देहरादून मीडिया सेल द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कोतवाली कैंट पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 158/2026 की विवेचना कर रही एसआईटी टीम सीधे एक्शन मोड में है। जांच टीम ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के विस्तृत बयान कलमबंद किए और उनसे घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए। मंत्री की ओर से जांच अधिकारियों को दी गई ऑडियो क्लिप को कानूनी औपचारिकताओं के तहत सुरक्षित रख लिया गया है।

विवेचकों का मानना है कि यह ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले के मुख्य साक्ष्यों में से एक साबित हो सकती है, जिसकी फॉरेंसिक जांच के जरिए वॉयस मैचिंग और सत्यता की पुष्टि की जाएगी।

गिरधारी लाल साहू पर धोखाधड़ी और गंभीर धाराएं

कैबिनेट मंत्री की तहरीर पर यह मुकदमा गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय दंड विधान और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की बेहद सख्त धाराएं शामिल हैं। दर्ज मुकदमे में मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, पहले से शादीशुदा होते हुए संबंध बनाने, प्रताड़ना, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं।

इसके साथ ही जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत भी जांच बैठाई गई है। आरोपों की गंभीरता और मामले के राजनीतिक कद को देखते हुए ही पूरे प्रकरण की कमान विशेष जांच टीम को सौंपी गई है।

फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद तेज होगी कानूनी कार्रवाई

एसआईटी अधिकारियों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले में साक्ष्यों की वैज्ञानिक पुष्टि बेहद आवश्यक है। मंत्री द्वारा सौंपी गई ऑडियो रिकॉर्डिंग को सीलबंद कर लैब भेजा जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ या संपादन तो नहीं किया गया है। लैब से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर मामले के अन्य पक्षों से पूछताछ और संभावित कानूनी कदम तय किए जाएंगे। देहरादून पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और आगामी दिनों में इस जांच की प्रगति पर नए खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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