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Uttarakhand Weather : साइक्लोन अर्नब का उत्तराखंड में असर, 5 जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 30 Oct 2026 01:40 PM IST

साइक्लोन अर्नब के असर से उत्तराखंड के 5 पहाड़ी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 3200 मीटर पर बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट। प्रशासन ने ऊंचाई की यात्रा टालने को कहा।

Uttarakhand Weather

मुख्य बातें

  • साइक्लोन अर्नब के असर से उत्तराखंड में भारी बर्फबारी का अलर्ट।
  • मौसम विभाग ने 5 पहाड़ी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
  • प्रशासन की अपील: ऊंचाई का सफर टालें और फसलों को बचाएं।

देहरादून (30 अक्टूबर) : साइक्लोन ‘अर्नब’ के सक्रिय होने से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम (Uttarakhand Weather) ने अचानक करवट ले ली है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राज्य के पांच प्रमुख पर्वतीय जिलों-नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज अंधड़ का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

3200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी हिमपात की संभावना जताई गई है, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम के इस यू-टर्न से पूरे राज्य में पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है और समय से पहले हाड़ कंपाने वाली ठंड ने दस्तक दे दी है।

साइक्लोन अर्नब का असर, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र के बुलेटिन के अनुसार, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चम्पावत जनपदों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की प्रबल संभावना है। चमोली समेत इन पांचों जनपदों में आकाशीय बिजली कड़कने, तेज ओलावृष्टि और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर स्थानीय तंत्र को मुस्तैद कर दिया गया है।

राजधानी देहरादून में भी आंशिक से घने बादल छाए रहेंगे, जहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दून घाटी में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

3200 मीटर पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं का प्रकोप

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, साइक्लोन अर्नब के प्रभाव से वातावरण में पहुंची भारी नमी और ऊपरी वायुमंडल के दबाव ने पहाड़ों पर इस चक्र को अचानक तेज कर दिया है। आमतौर पर शुष्क रहने वाले इस दौर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के हिमालय से टकराने के कारण चोटियों पर समय से पहले भारी हिमपात हो रहा है। राज्य के शेष जनपदों में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

बीते 24 घंटों में हुई छिटपुट बारिश और बर्फबारी के चलते पहाड़ी घाटियों में शीतलहर जैसे हालात बन चुके हैं, जिससे स्थानीय बाजारों और आम दिनचर्या पर सीधा असर पड़ा है।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी, पहाड़ी यात्रा से बचें

बिगड़ते मौसम और भारी बारिश-बर्फबारी के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने आम जनता और तीर्थयात्रियों से दो-टूक अपील की है कि वे बेहद जरूरी न होने पर 3200 मीटर से ऊंचे पर्वतीय इलाकों का रुख न करें। तेज अंधड़ और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे कतई शरण न लें।

इसके अलावा, ओलावृष्टि और आंधी के खतरे को देखते हुए कृषि विभाग ने काश्तकारों को कटी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और सेब व सब्जियों की बागवानी को ढककर सुरक्षित करने की हिदायत दी है। संवेदनशील पहाड़ी सड़कों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जेसीबी मशीनों और राहत दलों को तैनात कर दिया गया है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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