देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार (Dhami Cabinet Expansion) को अमलीजामा पहना दिया। राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने पांच नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही धामी सरकार ने अपनी कैबिनेट की अधिकतम 12 सीटों की सीमा को पूरा कर लिया है।
नैनीताल-ऊधम सिंह नगर से सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने नवनियुक्त मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे राज्य के हित में बड़ा फैसला बताया। भट्ट ने कहा कि ऊर्जावान और अनुभवी विधायकों को जिम्मेदारी मिलने से जनहित के कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने विशेष रूप से भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, मदन कौशिक, खजान दास और राम सिंह कैड़ा के चयन को राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह विस्तार केवल रिक्त पदों को भरना नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए बिछाई गई एक रणनीतिक बिसात है। मार्च 2025 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे और अप्रैल 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के असामयिक निधन के बाद से मंत्रिमंडल में कई अहम पद खाली चल रहे थे।
इस विस्तार में मदन कौशिक और खजान दास जैसे अनुभवी चेहरों की वापसी हुई है, वहीं भरत चौधरी और राम सिंह कैड़ा जैसे नए चेहरों को शामिल कर क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को संतुलित किया गया है। हरिद्वार से मदन कौशिक और रुड़की से प्रदीप बत्रा को शामिल कर मैदानी क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने की कोशिश की गई है, जबकि भीमताल से राम सिंह कैड़ा और रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी के जरिए पहाड़ी क्षेत्रों की आकांक्षाओं को साधने का प्रयास किया गया है।









