मासिक धर्म के समय इन बातों का रखे विशेष ध्यान

मासिक धर्म हर महिला से जुड़ी एक प्राकृतिक प्रकिया है.
मासिक धर्म के समय इन बातों का रखे विशेष ध्यान

मासिक धर्म हर महिला से जुड़ी एक प्राकृतिक प्रकिया है. इस प्रकिया के अंतर्गत हर महीने मासिक स्त्राव 3-5 दिनों तक होता है. अगर मासिक स्त्राव हर महीने समय पर हो तो ठीक है.

लेकिन अगर समय से पहले या बाद में हो तो आप परेशानी में आ सकती हो. सर्दी के मौसम में तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उन दिनों में किसी भी तरह से सर्दी न लगे.

कभी-कभी अचानक ठण्ड लगने से मासिक स्त्राव बंद हो जाता है और आपके पेट में दर्द होने लगता है. ऐसे में ठण्ड में मासिक धर्म के समय कुछ विशेष सावधानी रखनी चाहिए.

मासिक स्त्राव के दिनों में अधिक ठंडे पानी से नहीं नहाना चाहिए अधिक समय तक ठन्डे पानी में न रहे, ठन्डे फर्श पर न बैठे और ज्यादा ठंडा पानी नहीं पिएं. उन दिनों किसी भी प्रकार का योगाभ्यास न करे.

बस आपने आप को गर्म रखने की कोशिश करे और आरामदायक व हल्का-फुल्का काम ही करे  पेट पर मालिश दाएं से बाएं ऊपर की ओर और नीचे से ऊपर की ओर चक्राकर करें.

कोशिश करे कि शादीशुदा महिलाऐं मासिक स्त्राव के दिनों मे अपने पति से अलग सोए. * उन दिनों में सदा भोजन करे और भय, क्रोध, तनाव, चिंता आदि चीजो से बचे.

सैनिटरी नैपकिन को समय-समय पर बदलते रहें :

मासिक धर्म के दौरान शरीर से गंदा रक्त निकलता है जिसे सैनिटरी नैपकिन अवशोषित करती रहती है। इस दौरान शरीर कई प्रकार के संक्रमण के प्रति अति संवेदशील हो जाता है.

ऐसे में ज्यादा देर तक एक ही पैड के इस्तेमाल से जननांगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है इन दिक्कतों से बचे रहने के लिए  सैनिटरी नैपकिन को समय-समय पर बदलते रहें.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखते हुए हर 3-4 घंटे पर पैड को जरूर बदलें.

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