ब्रिटेन की महारानी का 10 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार, उत्तराधिकारी चुने जाने की पूरी प्रक्रिया शुरू

70 साल तक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) ने शासन करने के बाद बृहस्पतिवार को स्कॉटलैंड में अंतिम सांस लीं। महारानी के निधन (Death) के बाद शाही परिवार में उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई। 
ब्रिटेन की महारानी का 10 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार, उत्तराधिकारी चुने जाने की पूरी प्रक्रिया शुरू

लंदन । 70 साल तक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (Queen Elizabeth II) ने शासन करने के बाद बृहस्पतिवार को स्कॉटलैंड में अंतिम सांस लीं। महारानी के निधन (Death) के बाद शाही परिवार में उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई।

निधन के बाद किस तरह से पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाना है, इसके लिए ब्रिटेन (Britain) की सरकार ने योजना बनाकर रखी है। वैसे आपको बता दें कि खबर लिखे जाते समय यह पूरी प्रक्रिया जारी थी।

10 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार

महारानी का अंतिम संस्कार उनके निधन के 10 दिन बाद होगा। इससे पहले, उनके ताबूत को लंदन से बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर के पैलेस तक निधन के पांच दिन बाद औपचारिक मार्ग से ले जाया जाएगा, जहां रानी तीन दिनों के लिए राज्य में लेटी रहेंगी।

इस दौरान लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे, यह स्थल प्रतिदिन 23 घंटे तक खुला रहेगा। अंतिम संस्कार का दिन राष्ट्रीय शोक का दिन होगा, जिसमें वेस्टमिंस्टर एब्बे में होने वाली सेवा और पूरे ब्रिटेन में दोपहर में दो मिनट का मौन रखा जाएगा। अंतिम संस्कार के बाद रानी को विंडसर कैसल के किंग जॉर्ज षष्ठम मेमोरियल चैपल में दफनाया जाएगा।

महारानी के निधन के बाद क्या होता है?

जानकारी के मुताबिक, महारानी के निधन के बाद प्रधानमंत्री लिज ट्रस को फोन करके सूचना दी गई। इसके बाद शाही परिवार ने सारी तैयारियों के तहत महारानी के आंखों को बंद किया। इसके बाद प्रिंस चार्ल्स को नया राजा घोषित किया गया। हालांकि, प्रिंस चार्ल्स का औपचारिक राज्याभिषेक बाद में होगा। बहरहा, इस दौरान नया राजा घोषित होने पर किंग चार्ल्स के परिवार के सभी सदस्य उनके हाथों को चूमकर उन्हें धन्यवाद देंगे। जबकि महारानी के निधन संबंधी सारी जानकारी पीएम के बाद गवर्नर जनरल, राजदूत को दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने जारी किया निधन के बारे में पहला बयान

राजप्रमुख के निधन पर प्रधानमंत्री को पहला बयान जारी करना होता है। इसी परंपरा के तहत प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने अपने बयान में महारानी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दिवंगत महारानी अपने पीछे एक महान विरासत छोड़ गई हैं और उन्होंने देश को “स्थिरता और ताकत” भी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि महारानी के निधन से ब्रिटेन सदमे में है। वह एक ‘चट्टान’ की तरह थीं जिस पर आधुनिक ब्रिटेन का निर्माण हुआ था।

पीएम के बाद अन्य सभी मंत्रियों को प्रतीक्षा करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद प्रिंस चार्ल्स शाम 6 बजे शोक संदेश के तहत राष्ट्र को टेलीविजन पर संबोधित करने की भी जानकारी सामने आई है। इसके बाद वह संसद तक यात्रा करने और स्मारक सेवाओं में भाग लेने के लिए स्कॉटलैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के दौरे का कार्यक्रम पूरा करेंगे। वहीं रक्षा मंत्रालय महारानी के सम्मान में तोपों की सलामी की व्यवस्था करेगा।

बकिंघम पैलेस के गेट पर लगेगा नोटिस

महारानी के निधन के बाद बकिंघम पैलेस के मुख्य द्वार पर शोक के कपड़े पहनकर सेवक खड़ा रहेगा। वह दरवाजे पर एक नोटिस लगाएगा। निधन के बाद यूके की संसद, स्कॉटलैंड, वेल्स और नॉर्दन आयरलैंड की संसद को स्थगित कर दिया जाएगा। यदि संसद नहीं हो रही है तो इसे बुलाया जाएगा। इस दौरान महल की वेबसाइट शोक संदेश में बदल जाएगी।

सभी सरकारी वेबसाइट्स भी काले बैनर्स के साथ दिखाई देंगी। बता दें कि खबर लिखे जाने तक ब्रिटेन की अधिकांश वेबसाइट पर काले बैनर्स दिखाई देने लगे थे। लोग सड़कों पर थे और आंसुओं के साथ अपना दुख्य व्यक्त कर रहे थे।

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