दून हॉराइज़न, बेंगलुरु (01 अक्टूबर) : कर्नाटक की राजधानी के नागरबावी इलाके में दिनदहाड़े हुई हिंसक झड़प में 19 वर्षीय बीकॉम छात्र योगेश की सीने में चाकू घोंपकर जान ले ली गई। महेश पीयू कॉलेज परिसर के ठीक पीछे दोपहर करीब ढाई बजे घटी इस खौफनाक वारदात ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों के आसपास बाहरी असमाजिक तत्वों की बेलगाम आवाजाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फोन कॉल पर बुलाया और जिम के पास घेर लिया
वारदात 30 सितंबर की दोपहर उस वक्त शुरू हुई जब योगेश कॉलेज में मौजूद था। पुलिस की शुरुआती छानबीन में सामने आया है कि किसी अज्ञात शख्स ने योगेश को फोन कर कैंपस के पीछे आने को कहा। योगेश जैसे ही कॉलेज की पिछली गली में स्थित जिम के करीब पहुंचा, वहां पहले से खड़े छात्रों और कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर तीखी तकरार चल रही थी।

बहस चंद पलों में हिंसक हाथापाई में बदल गई। इसी दौरान सामने मौजूद चार-पांच हमलावरों के झुंड में से एक लड़के ने धारदार चाकू निकालकर सीधे योगेश के सीने पर वार कर दिया।
खून से लथपथ होकर गिरे योगेश को उसके सहपाठी आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल लेकर भागे। चिकित्सकों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन सीने पर लगा गहरा घाव और लगातार बहा खून जानलेवा साबित हुआ; इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलते ही अन्नपूर्णेश्वरी नगर पुलिस स्टेशन (Annapoorneshwari Nagar Police Station) की टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
कॉलेज के नहीं, बाहरी बताए जा रहे हैं आरोपी
पश्चिम डिवीजन के पुलिस उपायुक्त (DCP West) यतीश के मुताबिक, हमलावरों का यह समूह कॉलेज का नियमित छात्र वर्ग नहीं था। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि हमले में शामिल युवक बाहर से विवाद सुलझाने या धमकाने के इरादे से बुलाए गए थे। पुलिस ने हत्या (Murder Case) की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कॉलेज और आसपास के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि फोन कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) की पड़ताल की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि योगेश को मौके पर किसने और किस बहाने से बुलाया था। फरार चल रहे 4 से 5 संदिग्धों की धरपकड़ के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहा है।








