नई दिल्ली। दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की भारत टैक्सी सर्विस से जुड़े ड्राइवरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच हुई इस बैठक का उद्देश्य केंद्र सरकार के सहकारिता मॉडल को और अधिक मजबूत करना है। इसी के साथ अमित शाह ने कहा कि इस नई व्यवस्था में गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि खुद मालिक की भूमिका में होगा।
सहकारी मॉडल से बदलेगी ड्राइवरों की किस्मत
जानकारी के लिए बता दें कि यह सर्विस 5 फरवरी को लॉन्च की थी। ‘भारत टैक्सी’ देश का ऐसा पहला ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म है जो सहकारी सिद्धांतों पर काम करता है। शाह ने चालकों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य बिचौलियों को खत्म कर सीधा लाभ उन लोगों तक पहुँचाना है जो जमीन पर पसीना बहाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मॉडल के तहत होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवरों की जेब में जाएगा।
समस्याओं और सुझावों पर हुई खुली चर्चा
कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने केवल अपनी बात नहीं रखी, बल्कि ड्राइवरों की चुनौतियों को भी करीब से समझा। उन्होंने ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों से उनकी समस्याओं पर फीडबैक लिया और भविष्य में इस सेवा को और बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव मांगे। शाह ने दोहराया कि सहकारिता क्षेत्र का विस्तार करना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आर्थिक आजादी मिल सके।









