Bollywood News : अजय देवगन बॉलीवुड के उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जो अपने किरदारों के साथ प्रयोग करने से कभी पीछे नहीं हटते। साल 2004 में आई मल्टीस्टारर फिल्म ‘खाकी’ में उन्होंने एक ऐसे विलेन की भूमिका निभाई थी जिसने अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे सितारों के सामने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस फिल्म की सफलता के पीछे अजय देवगन की वह कड़ी मेहनत थी जो पर्दे के पीछे छिपी रही।
डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के विजन को पूरा करने के लिए अजय ने उठाया बड़ा जोखिम
फिल्म के मेकअप आर्टिस्ट हरीश ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अजय देवगन के समर्पण से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि निर्देशक राजकुमार संतोषी फिल्म में अजय के लुक को बेहद अलग और खूंखार बनाना चाहते थे। इसके लिए तय किया गया कि फिल्म में अजय देवगन का किरदार अपनी एक आंख का इस्तेमाल नहीं करेगा।
प्रोस्थेटिक पैच के कारण शूटिंग के दौरान अजय देवगन को हुई थी काफी शारीरिक पीड़ा
लुक को रियलिस्टिक बनाने के लिए अजय देवगन की एक आंख पर विशेष पैच चिपका दिया गया था, जिससे उनकी आंख पूरी तरह बंद हो गई थी। इस कारण उन्हें पूरी फिल्म की शूटिंग केवल एक आंख के सहारे ही करनी पड़ी, जो काफी चुनौतीपूर्ण था। एक आंख बंद होने की वजह से उन्हें गहराई और संतुलन समझने में परेशानी होती थी, जिससे सेट पर काम करना दूभर हो गया था।
विलेन के रूप में अजय देवगन की कड़ी मेहनत ने फिल्म को बनाया ब्लॉकबस्टर

आंख में होने वाली तकलीफ और देखने की समस्या के कारण कई दृश्यों में अजय देवगन को काला चश्मा पहनकर शॉट देने पड़े। हालांकि, उन्होंने अपनी इस शारीरिक बाधा को कभी भी अपने अभिनय के आड़े नहीं आने दिया और दर्शकों को पता तक नहीं चला। फिल्म रिलीज होने के बाद उनके इस डरावने और शांत विलेन वाले अंदाज की जमकर तारीफ हुई और ‘खाकी’ उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शुमार हो गई।









