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India Lockdown News 2026 : क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? सरकार ने कर दिया साफ़

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Sat, 28 Mar 2026 01:23 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत में ईंधन की कमी और लॉकडाउन की अफवाहों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह निराधार करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है।

India Lockdown News 2026 : क्या भारत में फिर लगेगा लॉकडाउन? सरकार ने कर दिया साफ़

मुख्य बातें

  • सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी घटाकर वैश्विक कीमतों के असर को खत्म कर दिया है।
  • भारत ने अपनी निर्भरता घटाते हुए अब 42 देशों से कच्चे तेल का आयात शुरू कर दिया है, जो 2014 में मात्र 27 देश थे।
  • पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में साफ किया कि देश में कामकाज सामान्य रहेगा और लॉकडाउन जैसी कोई योजना नहीं है।

India Lockdown News 2026 : पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते बारूदी संघर्ष ने दुनिया भर में तेल की कीमतों को आग लगा दी है, लेकिन भारत में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में न तो ईंधन की कमी है और न ही काम रोकने की कोई नौबत।

शुक्रवार को ‘टाइम्स नाउ समिट’ में शिरकत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद स्थिति की कमान संभाली है। शाह ने दो टूक कहा कि दुनिया भर में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं, मगर भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती 

आम आदमी की जेब पर पड़ने वाले बोझ को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा वित्तीय जोखिम उठाया है। वित्त मंत्रालय के हालिया फैसले के तहत पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 प्रति लीटर की भारी कटौती की गई है। इस कदम के बाद डीजल पर अब जीरो एक्साइज ड्यूटी लग रही है, जबकि पेट्रोल पर इसे घटाकर मात्र ₹3 कर दिया गया है।

यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मार्च 2026 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $125 प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं। सरकार ने इस बढ़ोतरी का पूरा बोझ खुद सहने का फैसला किया है ताकि घरेलू बाजार में महंगाई को बेकाबू होने से रोका जा सके।

42 देशों से तेल आयात 

अमित शाह ने भारत की बदली हुई ऊर्जा कूटनीति का खुलासा करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने अपनी तेल आपूर्ति के स्रोतों को व्यापक बनाया है। साल 2014 तक हम केवल 27 देशों पर निर्भर थे, लेकिन आज भारत 42 अलग-अलग देशों से ईंधन मंगवा रहा है।

हालांकि, उन्होंने एक तकनीकी चुनौती का जिक्र भी किया। खाड़ी देशों से तेल आने में 11 दिन का चक्र लगता था, जबकि नए स्रोतों से तेल पहुंचने में अब करीब 40 दिन का समय लग रहा है। यही कारण है कि सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराकर तेल का स्टॉक न करें और सामान्य रूप से अपनी जरूरतों को पूरा करें।

‘टीम इंडिया’ मोड में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ डिजिटल बैठक की। मोदी ने जोर देकर कहा कि इस वैश्विक संकट के समय केंद्र और राज्यों को ‘टीम इंडिया’ की तरह काम करना होगा।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने राज्यों में जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने साफ कहा कि युद्ध के नाम पर अफवाह फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।

राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश

बैठक में विशेष रूप से तटीय और सीमावर्ती राज्यों को शिपिंग और लॉजिस्टिक्स की निगरानी करने को कहा गया है। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में खाद (फर्टिलाइजर) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। सरकार का मुख्य फोकस यह है कि मिडिल ईस्ट के तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की दैनिक जीवन शैली पर न पड़े।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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