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Kailash Mansarovar Yatra 2026 : सिर्फ 20 किलो निजी सामान ले जाने की अनुमति, ये 19 दवाएं रखना अनिवार्य

विदेश मंत्रालय ने इस साल की कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए बेहद कड़े नियम और जरूरी दवाओं की सूची जारी कर दी है। लिपुलेख मार्ग पर चलने वाले यात्रियों के लिए वजन सीमा तय करने के साथ ही मेडिकल अनफिट होने पर रिफंड न देने का फैसला हुआ है।

Kailash Mansarovar Yatra 2026 : सिर्फ 20 किलो निजी सामान ले जाने की अनुमति, ये 19 दवाएं रखना अनिवार्य

HIGHLIGHTS

  • निजी सामान के लिए केवल 20 किलो वजन की मंजूरी।
  • डॉक्टर का फैसला अंतिम होगा, कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
  • प्रत्येक यात्री को 19 तरह की दवाएं रखना अनिवार्य।
  • कुमाऊं मंडल विकास निगम संभालेगा लॉजिस्टिक्स की कमान।

पिथौरागढ़, 22 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)। कैलास मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को इस बार बेहद नपे-तुले साजो-सामान के साथ चढ़ाई चढ़नी होगी। लिपुलेख रूट की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए विदेश मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। हर यात्री अपने साथ केवल 20 किलोग्राम वजन का निजी सामान ही ले जा सकेगा।

सामान का वजन तय सीमा से ऊपर जाते ही अतिरिक्त शुल्क वसूलने की सख्त व्यवस्था की गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम ने चीन सीमा की तरफ खाद्यान्न आपूर्ति के लिए प्रति यात्री पांच किलोग्राम का कॉमन सामान ले जाने की अलग से अनुमति दी है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य चीनी क्षेत्र में भोजन-पानी की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना है।

अचानक तबीयत बिगड़ने या ऊंचाई वाले रास्तों पर चलने में असमर्थ होने पर यात्रियों को कड़ा झटका लग सकता है। यात्रा के दौरान साथ चल रहे डॉक्टर और संपर्क अधिकारी का निर्णय सर्वोच्च माना जाएगा। यदि उन्होंने किसी यात्री को आगे बढ़ने के लिए अनफिट घोषित कर दिया, तो उसे तुरंत यात्रा रोकनी होगी।

इस प्रकार के आपातकालीन मामलों में जमा की गई धनराशि का एक भी हिस्सा वापस नहीं किया जाएगा। रिफंड की कोई भी अर्जी स्वीकार नहीं की जाएगी। कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक मनीष कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि केएमवीएन यात्रियों के ठहरने, गाड़ियों की आवाजाही और भोजन का पूरा जिम्मा संभाल रहा है।

हर एक जत्थे की सुरक्षा और सहायता के लिए पांच सदस्यीय विशेष सर्विस टीम तैनात रहेगी। इस दल में एक मुख्य डॉक्टर और चार अनुभवी रसोइया शामिल किए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने ऐहतियात के तौर पर 19 विशेष प्रकार की दवाओं को अपने पास पर्याप्त मात्रा में रखने का आदेश जारी किया है।

यात्रियों के बैग में क्रोसिन, पैंटोप्राज़ोल, डाइजीन, विटामिन सी 500 एमजी और पुल्व इलेक्ट्रॉल होना अनिवार्य है। ऊंचाई पर सांस लेने में होने वाली दिक्कत से बचने के लिए डायमॉक्स, कफ सिरप, एंटीबायोटिक, लिपसोल और बैंडेज क्लोथ की उपलब्धता जांची जाएगी। होम्योपैथी का इलाज लेने वाले लोग अपने डॉक्टर की पर्ची के साथ संबंधित दवाएं अपने पास रख सकते हैं।

कॉटन, टिंचर बेंजोइन, एडेसिव प्लास्टर, बैंड एड, बीटाडिन लोशन और बोरिक पाउडर भी इस निर्धारित सूची का हिस्सा बनाए गए हैं। इस वर्ष की यात्रा 30 जून से शुरू होकर 26 अगस्त तक संचालित की जाएगी। पहला दल 30 जून से 3 जुलाई तक दिल्ली में डेरा डालेगा।

दिल्ली के कैंप में ही सभी यात्रियों के पासपोर्ट, वीजा वेरिफिकेशन और अंतिम मेडिकल जांच की प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद यह पहला जत्था 4 जुलाई को टनकपुर रेलवे स्टेशन पहुंचेगा। केएमवीएन ने रूट के सभी गेस्ट हाउस और वाहनों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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