दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (01 अक्टूबर) : अगर आप भी सोशल मीडिया पर घूम रहे उस सरकारी पत्र को देखकर खुश हो रहे थे कि अब हर शनिवार बैंक बंद रहेंगे, तो संभल जाइए। केंद्र सरकार ने ऐसा कोई फरमान जारी नहीं किया है। वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के नाम से तैयार किया गया एक कथित राजपत्र (Gazette Notification) इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय स्टेट बैंक समेत तमाम सरकारी बैंकों में सभी शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की बात कही गई है। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस पूरे मामले की पड़ताल कर इसे पूरी तरह मनगढ़ंत और जाली करार दिया है।
वायरल पत्र में क्या था दावा और कैसे खुली पोल?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से व्हाट्सएप ग्रुप्स और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म्स पर एक पीडीएफ दस्तावेज़ साझा किया जा रहा था। इसमें आधिकारिक मुहर और प्रारूप की नकल करके यह भ्रम फैलाया गया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों को अब हफ्ते में दो दिन का साप्ताहिक अवकाश मिलेगा। सरकारी तंत्र तक जब यह बात पहुंची, तो प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने त्वरित कार्रवाई की।

पीआईबी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि मंत्रालय ने शनिवार के अवकाश को लेकर कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की है। यानी यह पूरा दस्तावेज फोटोशॉप और तकनीकी जालसाजी का नतीजा है।
शाखाओं में क्या है शनिवार को काम का मौजूदा नियम?
आरबीआई और बैंक यूनियनों के बीच 2015 में हुए समझौते के तहत देश के सभी कमर्शियल और सरकारी बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। वहीं पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को शाखाओं में सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज चलता है। हालांकि, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) लंबे समय से सरकार से ‘फाइव डे बैंकिंग’ (हफ्ते में 5 दिन काम) लागू करने की मांग कर रही है और इस पर विचार-विमर्श का दौर भी चला है, लेकिन जब तक भारतीय रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक व्यवस्था जस की तस रहेगी। किसी भी अपुष्ट सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा करके अपनी बैंक विजिट की योजना न बदलें।





