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बिना फालतू खर्च ऐसे सजाएं जितिया थाली, सादगी और परंपरा देखकर हर कोई करेगा तारीफ

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Sat, 03 Oct 2026 02:21 PM IST

जितिया व्रत की पूजा में थाली का व्यवस्थित और साफ-सुथरा होना न सिर्फ देखने में अच्छा लगता है, बल्कि पूजा को भी आसान बनाता है। घर में मौजूद ताजे फूलों, दीये और पारंपरिक शुभ चिह्नों से आप इसे आसानी से सजा सकती हैं।

Jitiya Puja Thali Decoration

Jitiya Puja Thali Decoration : संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुख-समृद्धि की कामना के साथ रखा जाने वाला जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत बेहद आस्था का पर्व है। इस दिन निर्जला व्रत के साथ-साथ शाम की पूजा की तैयारी का खास महत्व होता है। पूजा की थाली जितनी व्यवस्थित और साफ होगी, पूजा का वातावरण उतना ही शांत और पवित्र महसूस होगा।

थाली सजाने के लिए बाजार से महंगी चीजें लाने की जरूरत नहीं होती। घर पर मौजूद सामान्य सामग्री और ताजे फूलों से ही बेहद सुंदर थाली तैयार की जा सकती है।

थाली का चुनाव और आधार तैयार करना

पूजा के लिए पीतल, कांसा या तांबे की थाली सबसे अच्छी मानी जाती है। अगर ये न हों, तो साफ स्टील की थाली का उपयोग भी किया जा सकता है।

  • सबसे पहले थाली को अच्छी तरह धोकर सुखा लें।
  • थाली के केंद्र में गंगाजल छिड़कें और रोली या हल्दी से एक छोटा स्वास्तिक बनाएं।
  • स्वास्तिक के चारों कोनों पर रोली की चार शुभ बिंदियां लगाएं। यह थाली को एक पारंपरिक और शुभ आधार देता है।

रोली, अक्षत और सिंदूर के लिए छोटी कटोरियां

  • सामग्री बिखरी हुई न लगे, इसके लिए छोटी पीतल या मिट्टी की कटोरियों का इस्तेमाल करें।
  • एक कटोरी में रोली और दूसरी में बिना टूटे हुए साफ चावल (अक्षत) रखें।
  • जितिया व्रत में सिंदूर और रक्षासूत्र (कलावा) का खास महत्व है, इन्हें भी अलग स्थान दें।
  • कटोरियों को थाली के ऊपरी हिस्से में एक सीध में रखें, जिससे नीचे दीया और प्रसाद रखने की जगह बची रहे।

ताजे फूलों और पत्तों का बॉर्डर

  • थाली को सुंदर लुक देने में ताजे फूलों का सबसे बड़ा रोल होता है।
  • गेंदे के पीले और नारंगी फूलों की पंखुड़ियों को थाली के किनारों पर गोल घेरे में सजाएं।
  • अगर साबुत छोटे गुलाब या गेंदे के फूल हैं, तो उनसे थाली की परिधि पर बॉर्डर बना सकती हैं।
  • स्वास्तिक के पास दो पान या आम के साफ पत्ते रखें। हरे पत्तों के ऊपर पीले फूल रखने से थाली का रंग बहुत निखर कर आता है।

दीया और बाती की सही जगह

  • पूजा की थाली में एक छोटा दीपक जरूर होना चाहिए।
  • दीये को हमेशा थाली के दाईं तरफ या बीच के निचले हिस्से में रखें, ताकि हाथ हिलाते समय आंच से कोई सामान न जले।
  • दीये में पहले से घी या तिल का तेल डालकर रुई की बाती सेट कर लें।
  • पास में माचिस और कपूर की एक-दो टिकियां भी रख लें, ताकि पूजा के समय उठना न पड़े।

प्रसाद और नैवेद्य के लिए अलग व्यवस्था

  • जितिया पूजा में नोनी का साग, मड़ुआ की रोटी या मौसमी फल प्रसाद के रूप में रखे जाते हैं।
  • इन सभी सामग्रियों को थाली में सीधे रखने के बजाय एक छोटी प्लेट या केले के पत्ते के टुकड़े पर रखें।
  • इससे थाली गीली नहीं होती और पूजा के दौरान अर्घ्य देने या प्रसाद चढ़ाने में आसानी रहती है।

थाली सजाते समय ध्यान रखें कि उसमें बहुत ज्यादा सामान न भरें। पूजा में इस्तेमाल होने वाली हर जरूरी चीज हाथ की पहुंच में और साफ-सुथरी दिखनी चाहिए। सादगी, स्वच्छता और श्रद्धा ही इस थाली की असली शोभा है।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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