Tehri Lake Festival : उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन मेले टिहरी लेक फेस्टिवल को इस बार एक नई पहचान दी गई है। राज्य सरकार ने इस आयोजन के नाम के साथ ‘हिमालयन ओ2’ शब्द जोड़कर पर्यावरण संरक्षण का ठोस संदेश देने का प्रयास किया है। टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल (Nitika Khandelwal) ने जानकारी दी कि आयोजन की योजना बनाते समय यह तय किया गया था कि पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी प्रदर्शित की जाए।
राष्ट्रीय खेलों की तर्ज पर ‘ग्रीन’ आयोजन की तैयारी
राज्य सरकार अपनी कार्यप्रणाली में बड़े आयोजनों को पर्यावरण की थीम से अनिवार्य रूप से जोड़ रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आयोजित हुए National Games के दौरान भी उत्तराखंड ने देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय हरित वन स्थापित करने और खिलाड़ियों को दिए जाने वाले मेडल समेत अन्य गतिविधियों में पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का उपयोग किया गया था। इसी मॉडल को अब ‘हिमालयन ओ2 टिहरी लेक फेस्टिवल’ में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने इस बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पर्यावरण को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से देश और दुनिया को बहुत अधिक अपेक्षाएं हैं, इसलिए राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जागरूकता पर काम कर रही है। धामी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी उत्तराखंड के बड़े आयोजनों की मुख्य थीम पर्यावरण संरक्षण ही रहेगी।
पर्यटन और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन
टिहरी झील में आयोजित होने वाले इस वाटर स्पोर्ट्स और सांस्कृतिक उत्सव के माध्यम से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन संभव है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ‘हिमालयन ओ2’ केवल एक नाम नहीं बल्कि एक अभियान है, जो आगंतुकों को हिमालय की शुद्ध हवा और जल के संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगा।






