बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार सुबह तुलसीपुर स्थित पावन शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। चैत्र नवरात्रि तैयारी (Chaitra Navratri 2026) और आगामी मेले की व्यवस्थाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने देवी प्रतिमा की आरती उतारकर प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय दौरे के क्रम में बुधवार शाम बलरामपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने मंदिर परिसर में ही रात्रि विश्राम किया। सुबह उठते ही सबसे पहले उन्होंने मंदिर की गोशाला का रुख किया। वहां उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और चारा खिलाया। मुख्यमंत्री ने गोशाला के रखरखाव और गायों के स्वास्थ्य को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
नवरात्रि मेले की सुरक्षा और सुविधाओं की समीक्षा
चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी पाटन शक्तिपीठ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने मंदिर प्रशासन और जिले के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को पीने के पानी, छाया और दर्शन के लिए लंबी कतारों में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने पुलिस प्रशासन को मुस्तैद रहने को कहा है।
जन प्रतिनिधियों को दी जनता के बीच रहने की नसीहत
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान विधायक पलटूराम, कैलाश नाथ शुक्ल और जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं को दो-टूक कहा कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करें।
योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मंदिर के महंत मिथिलेश नाथ योगी और कालीबाड़ी मंदिर के महंत रवींद्र दास भी उपस्थित थे।












