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Uttarakhand News : क्या आपका भी रिजेक्ट हुआ था लोन? अब बैंक खुद कमियां दूर कर पास कराएंगे आवेदन

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 09 Jul 2026 10:46 PM IST

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 97वीं बैठक के दौरान कम ऋण-जमा अनुपात वाले जिलों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही साइबर ठगी को रोकने के लिए 1930 हेल्पलाइन से एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को जोड़ा जाएगा।

Uttarakhand News : क्या आपका भी रिजेक्ट हुआ था लोन? अब बैंक खुद कमियां दूर कर पास कराएंगे आवेदन

मुख्य बातें

  • बागेश्वर और पौड़ी सहित छह जिलों में लगेंगे विशेष लोन शिविर
  • तकनीकी आधार पर खारिज नहीं होंगे सरकारी योजनाओं के आवेदन
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 में एमएसएमई में 111 फीसदी उपलब्धि मिली
  • साइबर हेल्पलाइन 1930 से तत्काल जुड़ेंगे चार बड़े बैंक
  • आजीविका संवर्धन और औद्योगिक क्षेत्र को लोन देने पर जोर

देहरादून, 9 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक ली। इस बैठक में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। बैंकों को आम लोगों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों तक लोन की पहुंच को बेहद आसान बनाना होगा।

राज्य में ऋण-जमा (सीडी) अनुपात बढ़ाने पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा है। बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में बेहद कम ऋण-जमा अनुपात मिलने पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इन सभी चिन्हित जिलों में अब नियमित रूप से विशेष शिविर लगाए जाएंगे। जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग आपस में तालमेल बिठाकर पात्र लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराएंगे। राज्य का ऋण-जमा अनुपात आगामी समय में राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ सभी को काम करना होगा।

सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी भी पात्र व्यक्ति को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी आवेदन में कोई कमी पाई जाती है तो बैंक उसे केवल तकनीकी आधार पर निरस्त नहीं कर सकते। बैंकों को संबंधित व्यक्ति का मार्गदर्शन कर उन कमियों को दूर करवाना होगा। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने में बैंकों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत राज्य को लगभग 96 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई है। इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में 111 प्रतिशत की बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है जो राज्य की बेहतर आर्थिक प्रगति का साफ संकेत है। राज्य का ऋण-जमा अनुपात बढ़ना सकारात्मक है लेकिन इसे और बेहतर बनाने के लिए सभी बैंकों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम-स्टे योजना के आवेदकों को प्राथमिकता पर ऋण दिया जाएगा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में पात्र लोगों को बिना देरी लोन उपलब्ध कराना होगा। कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को अपना सहयोग हर हाल में बढ़ाना होगा।

डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को राज्य के गांव-गांव तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने और प्रधानमंत्री जनधन योजना सहित अन्य सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी भूमिका है। सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बैठक के दौरान कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), आईसीआईसीआई बैंक तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों को तत्काल जोड़ा जाए। इससे साइबर ठगी से संबंधित मामलों में बैंकों की तरफ से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की मुख्य बैठक से पहले उप समिति (सब-कमेटी) की नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान निकाला जा सके।

बैंकों को आजीविका संवर्धन तथा औद्योगिक क्षेत्र को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना होगा। स्वरोजगार, लघु उद्योग, एमएसएमई तथा अन्य उत्पादक क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाकर ही राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति दी जा सकती है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, नितेश झा, डॉ बी.वी. आर. सी पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, श्रीधर बाबू अदांकी और धीराज गर्ब्याल मौजूद रहे। इनके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक अरविन्द कुमार, नाबार्ड के महा प्रबंधक पंकज यादव, इन्डस्ट्रीज एसोसियेशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, भारतीय स्टेट बैंक नई दिल्ली के मुख्य महाप्रबंधक प्रभास बोस, हर्ष कुमार गौतम, महाप्रबंधक शैलेश कुमार, उप महाप्रबन्धक एसबीआई देहरादून राजीव रंजन, उप महाप्रबन्धक एसबीआई हल्द्वानी राजीव रंजन रतन और एसएलबीसी उत्तराखंड के सहायक महाप्रबन्धक शैलेन्द्र कुमार उनियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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