देहरादून। उत्तराखंड में हवाई सेवाओं और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के सवाल पर केंद्र ने स्पष्ट किया है कि कुमाऊं के प्रवेश द्वार पंतनगर हवाई अड्डे को अब बड़े वाणिज्यिक विमानों के लिए तैयार किया जा रहा है।
पंतनगर में वर्तमान रनवे की लंबाई को बढ़ाकर 3000 मीटर किया जा रहा है। यह विस्तार ए321 जैसे बड़े विमानों के सुरक्षित टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए पर्याप्त होगा। इसके साथ ही वहां 8500 वर्ग मीटर के नए टर्मिनल भवन का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसकी क्षमता सालाना 10 लाख से अधिक यात्रियों को संभालने की होगी। इस बदलाव से नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब और भी सुगम हो जाएगा।
देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के लिए भी विस्तार योजनाएं अंतिम चरण में हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने राज्य सरकार से 140.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग की है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होते ही यहां भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह विस्तार न केवल चारधाम यात्रियों के लिए मददगार होगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिंचाई के मोर्चे पर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘हर खेत को पानी’ कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित 1,066 परियोजनाओं में से 772 पूरी हो चुकी हैं। यह लक्ष्य का लगभग 70 फीसदी है। शेष परियोजनाओं के लिए केंद्र ने राज्य को आधुनिक तकनीक अपनाने और बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
राज्य की दो सबसे बड़ी बहुउद्देशीय परियोजनाओं, जमरानी बांध और लखवार प्रोजेक्ट पर भी काम जारी है। रिपोर्ट के अनुसार जमरानी बांध में 21% और लखवार परियोजना में 14% भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। जमरानी बांध के पूरा होने से न केवल हल्द्वानी को 42.70 MCM पेयजल मिलेगा, बल्कि 57,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सिंचाई सुनिश्चित होगी।









