ऊधमसिंह नगर, 19 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ऊधमसिंह नगर जिले के गूलरभोज-दनेशपुर क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद और दो मजारों को ध्वस्त कर दिया गया। विभाग ने कार्रवाई के तुरंत बाद संबंधित भूमि को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। लगभग तीन माह पूर्व विभाग ने विस्तृत सर्वेक्षण किया था, जिसमें पाया गया कि सिंचाई विभाग की इस बेशकीमती जमीन पर बिना किसी अनुमति के तीन धार्मिक संरचनाओं का निर्माण किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर भूमि के स्वामित्व और निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज पेश करने का समय दिया था।
जांच के दौरान कब्जाधारी न तो भूमि के मालिकाना हक के कागज दिखा पाए और न ही निर्माण के लिए ली गई किसी प्रशासनिक अनुमति का प्रमाण दे सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन धार्मिक संरचनाओं के मामले में अदालत से कोई स्थगन आदेश (Stay Order) भी प्राप्त नहीं था, जिसके चलते विभाग ने शनिवार को ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की।
इसी क्षेत्र के ठंडा नाला इलाके में भी सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। हालांकि, वहां के निवासियों ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के बाद उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का रुख किया था। फिलहाल, उच्चतम न्यायालय ने ठंडा नाला क्षेत्र के नोटिस पर रोक लगा दी है, लेकिन शनिवार को हुई धार्मिक स्थलों की कार्रवाई इस रोक के दायरे से बाहर थी।








