रुद्रपुर। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में पुलिस और प्रशासन ने शिक्षा माफिया के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये की नकली NCERT किताबें बरामद की हैं। यह कार्रवाई रुद्रपुर के कीरतपुर स्थित एक विशाल गोदाम में की गई, जहां से इन किताबों को मेरठ के रास्ते देश के विभिन्न राज्यों में भेजने की योजना थी।
पुलिस ने शनिवार रात चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका, जिसमें भारी मात्रा में NCERT की किताबें लदी थीं। चालक से पूछताछ और बिलों की विसंगति सामने आने के बाद जब कीरतपुर के गोदाम पर छापा मारा गया, तो अधिकारी भी दंग रह गए। 1000 वर्गमीटर में फैले इस अवैध ठिकाने पर कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की हजारों फर्जी किताबें डंप की गई थीं।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इन किताबों की खेप केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के बाजारों में सप्लाई किया जाना था। गोदाम मालिक राजेश जैन से पूछताछ जारी है, जिसने यह परिसर संदीप नामक व्यक्ति को किराए पर दिया था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना की तलाश में दबिश दे रही है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) एचके मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नई दिल्ली स्थित NCERT मुख्यालय को पत्र लिखकर विशेषज्ञों की टीम बुलाने की मांग की है। अधिकारियों को अंदेशा है कि नए सत्र की शुरुआत से पहले अभिभावकों को चूना लगाने के लिए यह स्टॉक जमा किया गया था। इन नकली किताबों में न केवल कागज की गुणवत्ता बेहद खराब है, बल्कि पाठ्य सामग्री में भी गंभीर त्रुटियां होने की आशंका है।
नकली और असली किताबों के बीच अंतर करना अब अभिभावकों के लिए अनिवार्य हो गया है। असली NCERT किताबों के हर दूसरे-तीसरे पन्ने पर विशेष वाटरमार्क और कवर पर होलोग्राम होता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि जांच में कॉपीराइट उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।









