देहरादून। देहरादून (Dehradun) में बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए जिला प्रशासन की एक बड़ी मुहिम रंग लाई है। जिलाधिकारी सविन बंसल (DM Savin Bansal) के सख्त निर्देशों के बाद समाज कल्याण विभाग ने जिले भर में विशेष शिविर लगाकर जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचाया है। महज 30 दिन के भीतर 3477 लोगों को फ्री में सहायक उपकरण बांटे गए हैं।
कालसी में हुआ महाअभियान का समापन
इस पूरे अभियान का समापन राजधानी देहरादून के कालसी स्थित सहिया में हुआ। यहां सरदार महिपाल राजेंद्र जनजातीय (पीजी) कॉलेज में आयोजित अंतिम शिविर में 657 लोगों को उपकरण दिए गए। प्रशासन की इस पूरी कवायद का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को आसान करना है। इन उपकरणों में ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, कृत्रिम अंग और सुनने की मशीनें शामिल हैं।
हर ब्लॉक तक पहुंची प्रशासन की टीम
समाज कल्याण विभाग की टीमों ने देहरादून के 6 विकासखंडों, नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों को कवर किया। आंकड़ों पर गौर करें तो सहसपुर में 693 और डोईवाला में 709 लोगों को मदद मिली। इसके अलावा ऋषिकेश में 433, रायपुर में 297, मसूरी में 241, विकासनगर में 103, लाखामंडल में 107 और त्यूणी-कनासर इलाके में 237 लोगों को ये उपकरण सौंपे गए।
केंद्र सरकार की योजनाओं का मिला सीधा लाभ
यह पूरा वितरण अभियान भारत सरकार की ‘एडिप’ और ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ के तहत चलाया गया। समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि देहरादून स्थित प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र में अब सातों दिन यह सुविधा उपलब्ध है। जो भी जरूरतमंद इसका लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें अपना आय प्रमाण पत्र और ग्राम प्रधान या पार्षद से प्रमाणित दस्तावेज जमा करने होंगे। इस मौके पर बीडीओ जगत सिंह, अनिल तोमर और खजान सिंह जैसे अधिकारी मौजूद रहे।










