देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने से ठीक पहले मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार कर दिया है। शुक्रवार सुबह 10 बजे लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने पांच नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस विस्तार के साथ ही धामी कैबिनेट अब अपनी अधिकतम संवैधानिक क्षमता यानी 12 मंत्रियों के साथ पूर्ण हो गई है।
मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों में हरिद्वार से कद्दावर नेता मदन कौशिक, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, भीमताल से राम सिंह कैड़ा और राजपुर रोड से खजान दास का नाम शामिल है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फेरबदल के जरिए बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए गढ़वाल और कुमाऊं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। विशेष रूप से मदन कौशिक की वापसी को पार्टी के भीतर पुराने दिग्गजों को साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
संवैधानिक रूप से उत्तराखंड में मंत्रियों की संख्या 12 से अधिक नहीं हो सकती। साल 2022 में सरकार गठन के वक्त मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी, जिससे तीन पद पहले से खाली थे। इसके बाद परिवहन मंत्री चंदन रामदास के आकस्मिक निधन और पिछले साल मार्च में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली पदों की संख्या पांच हो गई थी। इन रिक्तियों को भरने के लिए लंबे समय से दिल्ली और देहरादून के बीच बैठकों का दौर जारी था।
इस विस्तार में ‘परफॉरमेंस’ और ‘पॉलिटिकल बैलेंस’ का खास ख्याल रखा गया है। मदन कौशिक के पास जहां पुराना प्रशासनिक अनुभव है, वहीं भरत चौधरी और राम सिंह कैड़ा जैसे नामों के जरिए पहाड़ और तराई के वोट बैंक को एकजुट रखने की रणनीति अपनाई गई है।
विधानसभा चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले किए गए इस विस्तार से सरकार के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।










