देहरादून। जिले में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगाने और शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीमों (QRT) ने शुक्रवार को क्षेत्रवार गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर आपूर्ति और मांग के आंकड़ों की पड़ताल की। प्रशासन का मुख्य फोकस गैस की अवैध बिक्री को रोककर उपभोक्ताओं तक सीधे सिलेंडर पहुंचाना है।
बीते तीन दिनों के दौरान गैस बुकिंग सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी (क्राइसिस) ने जिले की आपूर्ति व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस तकनीकी बाधा के चलते वर्तमान में देहरादून में घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलाग बढ़कर 93 हजार के पार पहुंच गया है। सॉफ्टवेयर बंद होने के दौरान एजेंसियों ने मैनुअल रजिस्टर के आधार पर गैस वितरण किया था, जिसकी अब डिजिटल एंट्री की जा रही है।
जिला प्रशासन को अब तक गैस आपूर्ति से जुड़ी 26 गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके निवारण के लिए जिला खाद्य पूर्ति विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। शुक्रवार को जिले में 24,459 घरेलू और 269 व्यावसायिक सिलेंडरों की सफल डिलीवरी की गई। आपूर्ति बहाल करने के लिए वर्तमान में 36,743 घरेलू और 1,592 व्यावसायिक सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है।
आम जनता गैस की किल्लत या होम डिलीवरी न मिलने पर कंट्रोल रूम के नंबर 1077, 0135-2626066, 2726066 या व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर सीधे संपर्क कर सकती है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि व्यवसायिक एलपीजी लोड को भी निरंतर बढ़ाया जा रहा है ताकि बाजार में किसी प्रकार की कृत्रिम कमी पैदा न हो सके।









