देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने शुक्रवार सुबह पुलिस लाइन मैदान में आयोजित साप्ताहिक परेड की कमान संभालते हुए जवानों के अनुशासन और शारीरिक क्षमता का कड़ा परीक्षण किया।
उन्होंने परेड के दौरान केवल औपचारिकता नहीं निभाई, बल्कि खुद मैदान में दौड़ लगाकर मातहतों की फिटनेस का स्तर परखा। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि फील्ड ड्यूटी के लिए मानसिक और शारीरिक चुस्ती अनिवार्य शर्त है। अनुशासन में कोताही बरतने वाले कर्मियों को मौके पर ही सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण का अगला चरण घुड़सवार दस्ते की ओर मुड़ा। एसएसपी ने दस्ते में मौजूद घोड़ों के रखरखाव, उनके चारे और स्वास्थ्य कार्ड की गहन पड़ताल की। उन्होंने तैनात कार्मिकों को निर्देश दिया कि बेजुबानों के खानपान और रहने की जगह पर स्वच्छता का उच्चतम मानक बनाए रखें।
असल में, पर्वतीय और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसिंग के लिए घुड़सवार दस्ता एक महत्वपूर्ण इकाई है, जिसकी कार्यक्षमता सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
परेड समाप्त होने के तुरंत बाद एसएसपी ने पुलिस लाइन परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। उन्होंने वहां नवनिर्मित अत्याधुनिक भोजनालय (मेस) का जायजा लिया। मेस की सफाई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने प्रभारी को साप्ताहिक डाइट चार्ट का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया।
प्रशासन का सीधा तर्क है कि बेहतर पुलिसिंग के लिए जवानों को पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन मिलना प्राथमिक आवश्यकता है। इसमें किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में एसएसपी ने पुलिस लाइन में जारी विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बिठाकर प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने की बात कही।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। जमीनी हकीकत यह है कि पुलिस जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत बन रहे इन आवासों और दफ्तरों का सीधा असर पुलिस बल की कार्यक्षमता पर पड़ता है।










