देहरादून, 23 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) इस रूट पर प्रदूषण मुक्त और हाईटेक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 25 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी कर रहा है। निगम प्रबंधन की ओर से इन बसों की खरीद का औपचारिक प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बसों में सफर का विकल्प भी मिलेगा।
सिंगल चार्ज में दिल्ली का सफर
एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद देहरादून और दिल्ली के बीच की दूरी कम होकर अब लगभग 210 किलोमीटर रह गई है। रोडवेज के तकनीकी आकलन के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक बस फुल चार्ज होने पर करीब 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। ऐसे में इन बसों को बीच रास्ते में चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रियों के समय की बचत होगी। रोडवेज की महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों पर निगम ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
राजपुर क्षेत्र में पेयजल संकट से मिलेगी मुक्ति
इधर, विकास कार्यों को गति देते हुए कैबिनेट मंत्री एवं राजपुर विधायक खजान दास ने क्षेत्र के लिए 5.80 करोड़ रुपये की पेयजल लाइन परियोजना का भूमि पूजन किया। कांवली रोड, कोमेट कॉलोनी और कबीर डेरी गली समेत कई वार्डों में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के कारण लोग पानी की किल्लत झेल रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान अधिशासी अभियंता (EE) आशीष भट्ट की अनुपस्थिति पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
गांधी अस्पताल में शुरू होगी कार्डियोलॉजी ओपीडी
स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी राजधानी के लिए राहत भरी खबर है। गांधी अस्पताल में दिल के मरीजों के लिए ओपीडी सेवा एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी। एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय की कुलपति और वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. भानु दुग्गल ने अस्पताल का निरीक्षण कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
योजना के अनुसार, सप्ताह में दो से तीन दिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी संचालित की जाएगी। साथ ही, अगले एक महीने के भीतर अस्पताल में कैथलैब शुरू करने का भी लक्ष्य रखा गया है।










