देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी और आसपास के इलाकों में कानूनी उलझनों में फंसे हजारों लोगों को शनिवार को बड़ी राहत मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 12,063 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया।
सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली इस प्रक्रिया में देहरादून मुख्यालय समेत ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता के न्यायालयों में मुकदमों की सुनवाई हुई। लोक अदालत में सबसे अधिक जोर उन मामलों पर रहा जो लंबे समय से अदालतों में लंबित थे या जिन्हें आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था।
आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून जिले में फौजदारी के 207 और चेक बाउंस से संबंधित 693 मामलों को बंद किया गया। मोटर वाहन अधिनियम के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जिसमें 6,075 मामलों का निस्तारण किया गया। पूरे जिले में मुख्य मामलों के जरिए 49 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि तय की गई।
विकासनगर और ऋषिकेश जैसे बाहरी न्यायालयों ने भी इस अभियान में बड़ी भूमिका निभाई। विकासनगर में 739 मामलों का समाधान हुआ, जबकि ऋषिकेश में 911 केस निपटाए गए। डोईवाला में 312 मामलों के निस्तारण के साथ ही 27 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पर समझौता हुआ, जो प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।
अदालती कार्यवाही के अलावा प्री-लिटिगेशन स्तर पर भी बैंकों और संस्थानों के 4,808 मामले सुलझाए गए। इसमें 3.22 करोड़ रुपये की धनराशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। मसूरी में 47 और चकराता में 14 छोटे लेकिन महत्वपूर्ण विवादों को खत्म कर न्यायिक बोझ को कम किया गया।









