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डिजिटल अरेस्ट से लेकर निवेश घोटाले तक, साइबर ठगों से बचने के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संसद में देश के बढ़ते साइबर अपराधों और उनसे निपटने के लिए उठाए गए कड़े कदमों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया है। सरकार ने 31 जनवरी 2026 तक की रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1930 और नई एसओपी (SOP) के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी रोकी गई है।

डिजिटल अरेस्ट से लेकर निवेश घोटाले तक, साइबर ठगों से बचने के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

HIGHLIGHTS

  • 31 जनवरी 2026 तक 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग प्रणाली' ने बचाए ₹8,690 करोड़।
  • जनवरी 2026 में जारी नई SOP से अब राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बढ़ेगा समन्वय।
  • डिजिटल अरेस्ट और फर्जी लोन ऐप जैसे खतरों से बचाने के लिए 52 हफ्तों का विशेष 'साइबर-अलर्ट' अभियान जारी।

नई दिल्ली। देश में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच साइबर अपराधियों के जाल को तोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने अपना सुरक्षा चक्र और कड़ा कर दिया है। नैनीताल-उधम सिंह नगर से सांसद अजय भट्ट द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने संसद को बताया कि सुरक्षा एजेंसियां अब ‘विक्टिम-सेंट्रिक’ यानी पीड़ित को केंद्र में रखकर काम कर रही हैं।

गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि 31 जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 24.65 लाख से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के चंगुल से 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई गई है। यह सफलता ‘नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली’ (CFCFRMS) और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ के एकीकरण से संभव हुई है।

सरकार ने 2 जनवरी 2026 को एक नई व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। यह SOP विशेष रूप से उन मामलों के लिए है जहां साइबर अपराधी एक राज्य से बैठकर दूसरे राज्य के नागरिकों को निशाना बनाते हैं। अब राज्यों की पुलिस को एक साझा डिजिटल फ्रेमवर्क पर लाया गया है, जिससे एफआईआर दर्ज करने और आरोपी की गिरफ्तारी में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

साइबर जागरूकता को लेकर सरकार अब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का भी सहारा ले रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मुद्दा उठाने के बाद, अब दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भी विशेष जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। कुंभ मेला 2025 और सूरजकुंड मेले के सफल अभियानों के बाद, अब दूरदर्शन पर 52 हफ्तों का विशेष शो ‘साइबर-अलर्ट’ चलाया जा रहा है।

पहल का नाममुख्य उद्देश्य / उपलब्धि
हेल्पलाइन 1930वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग
I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र)देशव्यापी साइबर अपराधों का समन्वय
एनसीआरपी पोर्टलऑनलाइन शिकायत और एफआईआर ट्रैकिंग
साइबर दोस्त (@CyberDost)सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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