देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन (Anand Bardhan) ने सचिवालय में आयोजित व्यय-वित्त समिति की बैठक में राज्य के विभिन्न जनपदों से जुड़ी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं (Uttarakhand Cabinet EFC Meeting Decisions) की समीक्षा की। इस बैठक में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कई बड़े प्रस्तावों को प्रशासनिक और वित्तीय अनुमोदन प्रदान किया गया। बैठक में सचिव नितेश झा (Nitesh Jha), शैलेश बगौली (Shailesh Bagauli) और एस.ए. अदांकी (S.A. Murugesan) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में अमृत 2.0 (AMRUT 2.0) के ट्रांच-2 के अंतर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को औपचारिक स्वीकृति दी गई। इस महत्वपूर्ण परियोजना की जिम्मेदारी Uttarakhand Jal Sansthan को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, जनपद पौड़ी गढ़वाल (Pauri Garhwal) के द्वारीखाल और एकेश्वर विकास खंड के बीच सतपुली बैराज के निर्माण के पुनरीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह बैराज क्षेत्र में जल प्रबंधन और सिंचाई की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवस्थापना और कार्यालय भवनों का होगा निर्माण
शहरी विकास के तहत जनपद देहरादून (Dehradun) के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के नए कार्यालय भवन के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इसी क्रम में ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar) के नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण को भी समिति ने अपनी सहमति दी। नैनीताल (Nainital) जनपद के हल्द्वानी स्थित फायर स्टेशन परिसर में कर्मचारियों के लिए टाइप-II, टाइप-III और टाइप-IV श्रेणी के आवासीय भवनों का निर्माण किया जाएगा।
समयसीमा और गुणवत्ता के लिए सख्त निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने विभागों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं का क्रियान्वयन मितव्ययी और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आनंद ने पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने और योजनाओं को टिकाऊ (Sustainable) बनाने पर जोर दिया। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की निगरानी करें ताकि इन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर जनता को समर्पित किया जा सके।









