देहरादून। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र ऐतिहासिक चर्चा और रिकॉर्ड बजट के साथ संपन्न हो गया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने सत्र की सफलता पर सभी विधायकों का आभार जताते हुए इसे राज्य के विकास में मील का पत्थर करार दिया।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामूहिकता के भाव ने सदन में सार्थक चर्चा का माहौल बनाया, जिससे “विकसित उत्तराखंड” के संकल्प को नई ऊर्जा मिली है।
सत्र के दौरान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,000 करोड़ (1.11 लाख करोड़) का बजट पारित किया है। इस बजट में ‘GYAN’ मॉडल (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। खास बात यह है कि इस बार प्रदेश की जीडीपी (GSDP) में भारी उछाल देखा गया है, जो वर्ष 2024-25 में ₹3,81,889 करोड़ तक पहुंच गई है।
सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन के लिए ₹25 करोड़ और मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़ का प्रावधान कर पहाड़ी क्षेत्रों की आर्थिकी को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
मनवीर सिंह चौहान ने विपक्ष के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो कांग्रेसी विधायक सत्र की अवधि कम होने का शोर मचा रहे थे, सदन के भीतर उनके पास पूछने के लिए सवालों का अकाल पड़ गया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 5 दिन के इस सत्र में प्रश्नकाल के लिए आए कुल सवालों का एक तिहाई हिस्सा भी विपक्ष नहीं जुटा पाया। चौहान ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान शोर-शराबा कर विपक्ष ने संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
सत्र की कार्यवाहियों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि 5 दिनों में कुल 41 घंटे 10 मिनट तक सदन चला, जो गैरसैंण के विधायी इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है। देर रात तक चली बजट चर्चा में पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी बात रखी, लेकिन भाजपा का दावा है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुद्दाविहीन नजर आई। चौहान के अनुसार, धामी सरकार का समावेशी विकास का दृष्टिकोण आगामी दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।










