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Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही एक श्रद्धालु की हुई हार्ट अटैक से मौत, पीठ पर शव ढोने को मजबूर हुआ बेटा

केदारनाथ यात्रा 2026 के पहले ही दिन गुजरात और उत्तर प्रदेश के दो श्रद्धालुओं की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गुजरात के श्रद्धालु के परिजनों ने स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी और शव को ले जाने के लिए उचित व्यवस्था न होने का गंभीर आरोप लगाया है।

Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही एक श्रद्धालु की हुई हार्ट अटैक से मौत, पीठ पर शव ढोने को मजबूर हुआ बेटा

HIGHLIGHTS

  • गुजरात और मथुरा के दो तीर्थयात्रियों की हृदय गति रुकने से मौत।
  • मृतक के बेटे का आरोप: मदद के लिए 100 नंबर पर कॉल करने के बाद भी डेढ़ घंटे तक नहीं पहुंची सहायता।
  • डीजीसीए (DGCA) के निरीक्षण के कारण हेली सेवाओं में देरी का पुलिस ने दिया हवाला।

रुद्रप्रयाग, 22 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। केदारनाथ धाम (Kedarnath Yatra 2026) के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है, लेकिन पहले ही दिन प्रशासन के तमाम दावों की जमीनी हकीकत सवालों के घेरे में है। धाम में दर्शन के लिए पहुंचे दो श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद प्रशासनिक समन्वय की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

पीठ पर लादकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा शव

बड़ौदा (गुजरात) निवासी 69 वर्षीय श्रद्धालु दिलीप भाई मनु माली अपने परिवार के साथ बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे। मृतक के बेटे हेमंत माली के अनुसार, केदारनाथ पहुंचते ही उनके पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे गिर पड़े।

हेमंत ने आरोप लगाया कि आपातकालीन नंबर 100 पर कॉल करने के बावजूद डेढ़ घंटे तक कोई चिकित्सीय सहायता मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन हेमंत को अपने पिता को पीठ पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हेलीपैड पर घंटों इंतजार और एंबुलेंस का विवाद

परिजनों का आरोप यहीं खत्म नहीं हुआ। हेमंत के मुताबिक, उनके पिता का शव करीब दो घंटे तक हेलीपैड पर चिलचिलाती धूप में पड़ा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि वीआईपी मूवमेंट के लिए हेलीकॉप्टर उपलब्ध थे, लेकिन शव को नीचे ले जाने के लिए उन्हें इंतजार कराया गया। इतना ही नहीं, दिल्ली एयरपोर्ट तक शव पहुंचाने के लिए एंबुलेंस संचालक द्वारा 16,000 रुपये मांगे जाने का भी दावा किया गया है।

प्रशासन और पुलिस की सफाई

रुद्रप्रयाग पुलिस ने इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि दिलीप भाई की मौत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। शव को हेलीकॉप्टर के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था, लेकिन उसी समय डीजीसीए (DGCA) द्वारा हेली सेवाओं की सुरक्षा का निरीक्षण किया जा रहा था, जिसके कारण उड़ानों में देरी हुई। पुलिस के अनुसार, एनओसी मिलने के बाद दोपहर 12:30 बजे शव को हेलीकॉप्टर से गुप्तकाशी भिजवाया गया। उधर, यूकाडा (UCADA) के सीईओ आशीष चौहान ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिलते ही 15 मिनट के भीतर व्यवस्था कर दी गई थी।

सोनप्रयाग में एक और श्रद्धालु ने तोड़ा दम

केदारनाथ मार्ग पर ही सोनप्रयाग में एक और दुखद घटना हुई। मथुरा (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले 32 वर्षीय राहुल चौधरी की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। राहुल अपने चाचा के साथ कपाट खुलने के मौके पर दर्शन के लिए पहुंचे थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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