देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने कुंभ 2027 (Kumbh 2027) की तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस बजट का उपयोग स्टेशनों पर आधुनिक वेटिंग हॉल, डिजिटल साइनेज और बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने दोनों प्रमुख स्टेशनों के लिए साढ़े सात-सात करोड़ रुपये का खाका तैयार किया है। यह राशि नियमित रेल बजट से अलग है, जिसका सीधा उद्देश्य कुंभ के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव देना है। मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों पर ऑटोमेटिक एस्केलेटर, लिफ्ट और नई फूड यूनिट्स स्थापित की जाएंगी।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सरकार ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए हरिद्वार में ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर-2’ (CCR-2) के निर्माण को मंजूरी दी है। 50.27 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 20.11 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता इसकी छत पर बनने वाला हेलिपैड होगा, जो आपातकालीन स्थिति में एयर इवैक्युएशन और हवाई निगरानी में मदद करेगा।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल मुख्य स्टेशनों पर ही नहीं, बल्कि ज्वालापुर, मोतीचूर और हर्रावाला जैसे छोटे स्टेशनों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यहां करीब 10,000 यात्रियों की क्षमता वाले स्थायी होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, सूखी नदी और मायापुर एस्केप चैनल पर दो नए पुलों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे पार्किंग क्षेत्रों से मुख्य मेला क्षेत्र तक पहुंच आसान हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी स्थायी बुनियादी ढांचों का काम अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि अर्धकुंभ शुरू होने से पहले ही तीर्थयात्रियों को ये तमाम हाईटेक सुविधाएं मिलने लगें।









