देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में पिछले कुछ दिनों से जारी रसोई गैस किल्लत (LPG Shortage) ने अब उग्र रूप ले लिया है। दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के मुख्यालय में बुधवार को हुई आपात बैठक में शहर के सैकड़ों होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने हिस्सा लिया। कारोबारियों ने साफ लफ्जों में कहा कि बाजार में कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनके लिए रोजाना का काम चलाना असंभव हो गया है।
व्यापार मंडल की आपात बैठक और रणनीति
बैठक के दौरान युवा महामंत्री दिव्य सेठी ने बताया कि सिलेंडर की कमी से व्यापारियों की कमर टूट रही है। कई रेस्टोरेंट संचालकों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर सिलेंडर की सप्लाई इसी तरह बाधित रही, तो वे अपनी दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद करने पर मजबूर होंगे। इस संकट ने न केवल व्यापार बल्कि शहर की खाद्य व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।
अध्यक्ष पंकज मैसोंन का निर्देश और वैकल्पिक उपाय
राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य और व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज मैसोंन निजी कारणों से बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। उन्होंने फोन के जरिए सभी पदाधिकारियों को संबोधित किया। मैसोंन ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए व्यापारियों से अपील की कि वे फिलहाल गैस का कम से कम इस्तेमाल करें। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सहारा लिया जाए।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की तैयारी
व्यापारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। संगठन ने तय किया है कि अगले दो से तीन दिनों तक स्थिति पर नजर रखी जाएगी। यदि गैस एजेंसियों और प्रशासन के स्तर पर समाधान नहीं निकला, तो पूरा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा। व्यापारियों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की किल्लत सरकार की आपूर्ति व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।










