हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिले की इकबालपुर पुलिस चौकी के समस्त स्टाफ को निलंबित करने का आदेश जारी हुआ है। यह कार्रवाई अवैध खनन से जुड़ी एक विवादास्पद ऑडियो क्लिप के सार्वजनिक होने के बाद की गई। शासन ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के प्रति अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हवाला देते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
अवैध खनन के खेल में पुलिस की कथित हिस्सेदारी की खबरें लंबे समय से स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई थीं। हाल ही में सामने आई ऑडियो रिकॉर्डिंग में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) हरिद्वार ने मामले की प्राथमिक गंभीरता को देखते हुए चौकी प्रभारी समेत सभी तैनात कर्मियों को सस्पेंड कर दिया।
पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेंद्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह और कांस्टेबल प्रदीप को ड्यूटी से हटा दिया है।
प्रशासन का सीधा तर्क है कि कानून व्यवस्था संभालने वाले उत्तरदायी अधिकारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की सरकारी अनियमितता में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इसी बीच, पुलिस मुख्यालय ने जनपद के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि खनन माफिया और पुलिस के बीच के गठजोड़ को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
जमीनी हकीकत यह है कि हरिद्वार के ग्रामीण इलाकों में अवैध खनन की शिकायतें लगातार शासन तक पहुंच रही थीं। इस विशेष मामले की जांच की जिम्मेदारी अब एसपी देहात (SP Rural) को सौंपी गई है। रिकॉर्ड बताते हैं कि जांच अधिकारी को एक तय समय सीमा के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी मुकदमा भी चलाया जा सकता है।









