गैरसैंण। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गुरुवार को बजट सत्र के प्रश्नकाल में विधायक आदेश चौहान के सवाल का जवाब दिया। शासन ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, यूएसनगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। केंद्र सरकार इन प्रस्तावों पर नीतिगत स्वीकृति देगी।
अटल उत्कृष्ट स्कूलों में 820 रिक्तियां
विभागीय सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के अटल उत्कृष्ट स्कूलों में प्रवक्ता और एलटी शिक्षकों के 820 पद वर्तमान में खाली हैं। विधायक बृजभूषण गैरोला के सवाल पर मंत्री ने स्वीकार किया कि इन पदों के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित है। बोर्ड परीक्षाएं संपन्न होते ही शासन इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों को प्रशासनिक अधिकार देने के लिए सेवा नियमावली में संशोधन पर विचार जारी है।
कंप्यूटर शिक्षकों की नई तैनाती पर रोक
आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, राज्य सरकार फिलहाल कंप्यूटर शिक्षकों के पदों पर नई सीधी भर्ती नहीं करेगी। शिक्षा मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि कार्यरत शिक्षकों को ही कंप्यूटर का प्रशिक्षण देकर काम चलाया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 110 संस्कृत स्कूलों में से मात्र 37 में ही कंप्यूटर शिक्षा का बुनियादी ढांचा मौजूद है। विधायक सुमित हृदयेश और महेश जीना ने इस सीमित ढांचे पर सवाल उठाए।
क्लस्टर स्कूल योजना की धीमी रफ्तार
वहीं शासन के निर्देशों के तहत 2023 में शुरू हुई ‘क्लस्टर स्कूल योजना’ के परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। माध्यमिक स्तर पर अब तक एक भी स्कूल का विलय नहीं हुआ है। प्राथमिक स्तर पर केवल उत्तरकाशी जिले में 09 स्कूलों का विलय संपन्न हुआ। रिकॉर्ड बताते हैं कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को बड़े केंद्रों में जोड़ने की यह योजना धरातल पर क्रियान्वित नहीं हो सकी है।
17.67 करोड़ की छात्रवृत्ति का वितरण
इसी बीच, विधायक सुरेश गड़िया के सवाल पर विभाग ने वित्तीय आंकड़े पेश किए। पिछले 4 वर्षों में कुल 21,000 से अधिक छात्रों को 17.67 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। माध्यमिक स्कूलों में पदोन्नति और प्रधानाचार्यों की सीधी भर्ती का मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। न्यायालय का फैसला आने के बाद ही विभागीय भर्ती परीक्षा का आयोजन संभव होगा।











