देहरादून। राजधानी में एलपीजी गैस की किल्लत और वितरण में होने वाली धांधली को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ‘ओटीपी आधारित होम डिलीवरी’ व्यवस्था को सख्ती से लागू कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों पर औचक छापेमारी की। इस नई व्यवस्था का सीधा असर धरातल पर दिखने लगा है और एजेंसियों के बाहर लगने वाली लंबी कतारें अब गायब हो गई हैं।
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और एसडीएम सदर हरी गिरी ने डालनवाला स्थित हिमानी गैस एजेंसी सहित बद्रीपुर की आधुनिक और अरविंद गैस एजेंसियों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गैस सिलेंडर का वितरण अब केवल घरों पर होगा और गोदामों से सीधे वितरण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने परिसर में बुकिंग के लिए उपलब्ध व्हाट्सएप नंबर, वेबसाइट और पोर्टल की जानकारी वाले बड़े फ्लेक्स बोर्ड लगाएं ताकि लोग डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग करें।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन उपभोक्ताओं की सूची की भी जांच की, जिन्हें तकनीकी गड़बड़ी के कारण डिलीवरी के गलत संदेश प्राप्त हुए थे। प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे प्रभावित उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं। किसी भी प्रकार की अनियमितता या उपभोक्ताओं से अभद्रता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जब तक डिलीवरी मैन सिलेंडर लेकर घर न पहुंच जाए, तब तक उसे ओटीपी (OTP) साझा न करें। यह कदम ब्लैक मार्केटिंग को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सिलेंडर केवल पंजीकृत उपभोक्ता तक ही पहुंचे। प्रशासन की इस सक्रियता से शहर की गैस आपूर्ति व्यवस्था सुचारू होने के साथ ही बिचौलियों की भूमिका भी समाप्त हो गई है।









