देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति के प्रतीक ‘फूलदेई’ (Phool Dei 2026) पर्व पर मुख्यमंत्री आवास शनिवार को बच्चों की खिलखिलाहट और पारंपरिक लोकगीतों से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पत्नी गीता पुष्कर धामी और परिवार के साथ इस बाल लोकपर्व को मनाया।
पारंपरिक पहाड़ी परिधानों में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मुख्यमंत्री आवास की देहरी पर फूल और चावल अर्पित कर सुख-शांति की मंगलकामना की। इस दौरान बच्चों ने “फूल देई-छम्मा देई, जतुके दियाला- उतुके सई” जैसे पारंपरिक गीतों का गायन किया। मुख्यमंत्री ने देवतुल्य बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें उपहार और दक्षिणा भेंट की।
फूलदेई का यह उत्सव केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि चैत्र मास की संक्रांति के साथ शुरू होने वाले नए साल का स्वागत है। उत्तराखंड के पहाड़ों में इस दिन से बसंत ऋतु का औपचारिक आगमन माना जाता है। इस बार मीन संक्रांति के अवसर पर प्रदेशभर में यह त्यौहार मनाया जा रहा है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘गोगा’ भी कहा जाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कहा कि फूलदेई हमारी जड़ों से जुड़े रहने और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश की भावी पीढ़ी को इन अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से उत्तराखंड की लोक संस्कृति सदैव जीवंत बनी रहेगी।









