देहरादून। उत्तराखंड में राहुल गांधी और ‘Mohammad Deepak’ की हालिया मुलाकात ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुलाकात के महिमामंडन को कांग्रेस की ‘तुष्टिकरण की रणनीति’ का हिस्सा बताते हुए इसे देवभूमि की सांस्कृतिक अस्मिता पर प्रहार करार दिया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए तीखे सवाल दागे हैं।
धर्मांतरण का ‘नायक’ और कांग्रेस की प्राथमिकता
विनोद चमोली ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की प्राथमिकताएं अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के बड़े नेता राहुल गांधी से मिलने के लिए सालों कतार में खड़े रहते हैं, वही राहुल गांधी एक धर्मांतरित व्यक्ति को गले लगाकर उसे ‘हीरो’ की तरह पेश कर रहे हैं। चमोली के अनुसार, कांग्रेस का संदेश स्पष्ट है— जो व्यक्ति दीपक से ‘मोहम्मद दीपक’ बनेगा, वह उनके लिए आदरणीय होगा। उन्होंने इसे “कालनेमि प्रवृत्ति” बताते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता को उत्तराखंड कभी स्वीकार नहीं करेगा।
जनसांख्यिकी और शांति व्यवस्था पर मंडराता खतरा
मीडिया से बातचीत के दौरान चमोली ने इस प्रवृत्ति को देवभूमि की डेमोग्राफी और शांति व्यवस्था के लिए अत्यंत खतरनाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में जिस तरह से लोकतांत्रिक और जनसांख्यिकीय ढांचा बदल रहा है, वह चिंता का विषय है। कोटद्वार प्रकरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की अनावश्यक सक्रियता और टिप्पणियां इस बात का प्रमाण हैं कि कांग्रेस प्रदेश का सामाजिक संतुलन बिगाड़ना चाहती है।
क्या दीपक कश्यप ही होगा कांग्रेस का नया ‘आदर्श’?
भाजपा ने तीखा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या प्रदेश कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि ‘दीपक कश्यप’ से ‘मोहम्मद दीपक’ बनने वाला व्यक्ति ही उनका भविष्य का नेतृत्वकर्ता साबित होगा? भाजपा का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का जिस तरह से प्रचार किया जा रहा है, वह केवल वोट बैंक की राजनीति है। चमोली ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड को जिस दिशा में ले जाना चाहती है, वह विनाशकारी है।
“देवत्व बचाने के लिए कांग्रेस मुक्त उत्तराखंड जरूरी”
चमोली ने अंत में दोहराया कि यदि उत्तराखंड के ‘देवत्व’ और इसकी मौलिक पहचान को सुरक्षित रखना है, तो कांग्रेस को राजनीतिक रूप से पूरी तरह उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के इस तुष्टिकरण वाले चेहरे को देख चुकी है और आने वाले समय में इसका कड़ा जवाब देगी। भाजपा ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर कांग्रेस की इस मंशा को सफल नहीं होने देंगे।











