ऋषिकेश, 26 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ऋषिकेश पुलिस ने सोशल मीडिया पर उपराष्ट्रपति के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से निर्मित फर्जी तस्वीरें पोस्ट करने के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वामी रसिक महाराज (Swami Rasik Maharaj) के खिलाफ ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोप है कि महाराज ने अपनी सामाजिक और राजनीतिक पहुंच को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए इस तकनीक का गलत इस्तेमाल किया।
उपराष्ट्रपति की मौजूदगी का उठाया फायदा
विवाद की शुरुआत 23 अप्रैल को एम्स ऋषिकेश में आयोजित छठे दीक्षांत समारोह से हुई। इस गरिमामय समारोह में देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। एम्स चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह पंवार द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, स्वामी रसिक महाराज इस कार्यक्रम में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे। बावजूद इसके, उन्होंने उपराष्ट्रपति के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो जांच में प्रथम दृष्टया एआई द्वारा निर्मित और फर्जी पाई गईं।
एसएसपी ने की पुष्टि, महाराज ने बताया साजिश
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मूल तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस का मानना है कि फर्जी फोटो के जरिए लोगों को भ्रमित करने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर, स्वामी रसिक महाराज ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
एम्स दीक्षांत समारोह का संदर्भ

जिस समारोह की आड़ में यह फर्जीवाड़ा किया गया, वह एम्स ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह था। इस भव्य आयोजन में राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल जैसे दिग्गज शामिल थे। कार्यक्रम में 386 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं और 17 मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक सहित 23 पदकों से नवाजा गया था।
संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह और अध्यक्ष प्रो. राजबहादुर की उपस्थिति में हुए इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुचिता को अब इस फर्जी फोटो विवाद ने प्रभावित किया है।









