नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने डॉ. आर.एस. टोलिया प्रशासनिक अकादमी में जिले की निर्माणाधीन परियोजनाओं की मैराथन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर प्रशासनिक या तकनीकी बाधा आती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जाए ताकि निर्माण की लागत में बढ़ोतरी न हो।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्य किसी भी सूरत में रुकने नहीं चाहिए और हर विभाग को अपना मासिक लक्ष्य निर्धारित करना होगा।
बड़ी परियोजनाओं की डेडलाइन तय
बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कैंची धाम में 41 करोड़ की लागत से हो रहे सौंदर्यीकरण कार्यों को जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 3678.23 करोड़ की महत्वाकांक्षी जमरानी बांध परियोजना को जून 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और परिवहन पर जोर
काठगोदाम में 67 करोड़ की लागत से आधुनिक बस टर्मिनल और रामनगर में 28 करोड़ से रोडवेज डिपो का निर्माण कार्य समय से पूरा करने को कहा गया है। हल्द्वानी शहर के लिए सीवरेज पैकेज और 397 करोड़ की लागत वाले ‘नमो भवन’ के निर्माण में हो रही देरी पर मुख्य सचिव ने कुमाऊं आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पर्यटन सीजन के लिए मास्टर प्लान
आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि ट्रैफिक के लिए शटल सेवा और अतिरिक्त होमगार्ड्स की मांग की गई है। मुख्य सचिव ने भवाली बायपास और अन्य महत्वपूर्ण रास्तों पर स्ट्रीट लाइट और पर्याप्त पार्किंग सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
सामाजिक न्याय और वन्यजीव मुआवजा
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष के सभी 29 मृतकों के परिजनों को मुआवजा बांट दिया गया है। कुल 2.91 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। इसके अलावा, ‘जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 10,746 लोगों को सीधा लाभ पहुंचाया गया है।











