देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में कथित रसोई गैस किल्लत (LPG Shortage) की अफवाहों और अवैध भंडारण की शिकायतों के बीच जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपना लिया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी भी गैस एजेंसी पर बिचौलियों की संलिप्तता या अवैध रिफिलिंग पाई गई, तो उसे तुरंत सील कर संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
बुकिंग नियमों में बड़ा बदलाव
जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अब एक बार गैस बुकिंग करने के बाद अगला सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक हो सकेगा। इस 25 दिनों के लॉक-इन पीरियड की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुँचाने के लिए सभी एजेंसियों को फ्लैक्सी बोर्ड लगाने और बल्क मैसेज भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब होम डिलीवरी पूरी तरह ओटीपी (OTP) आधारित होगी। यदि ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत आती है, तो एजेंसियों को मैनुअल बुकिंग के लिए अपना संपर्क नंबर सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा ताकि जनता को परेशानी न हो।
प्रशासन के रडार पर 72 एजेंसियां
जनपद की सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदामों की लोकेशन अब प्रशासन की सीधी निगरानी में है। उप जिलाधिकारियों (SDM) और पुलिस क्षेत्राधिकारियों (CO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में रैंडम छापेमारी करें और स्टॉक व वितरण की बारीकी से जांच करें।
होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि अस्पतालों और छात्रावासों को कमर्शियल गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए, लेकिन घरेलू गैस का दुरुपयोग करने वालों पर जब्तीकरण की कठोर कार्रवाई की जाए।
कंट्रोल रूम से होगी सीधी निगरानी
आम जनता की शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला प्रशासन ने आपदा कंट्रोल रूम में विशेष डेस्क स्थापित की है। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और तेल कंपनियों के प्रतिनिधि प्रतिदिन एक घंटा बैठकर प्राप्त शिकायतों का समाधान करेंगे।
नागरिक किसी भी समस्या या कालाबाजारी की सूचना टोल फ्री नंबर 1077, लैंडलाइन नंबर 0135-2626066, 2726066 या व्हाट्सएप नंबर 7534826066 पर दे सकते हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें क्योंकि जनपद में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है।











