हल्द्वानी। उत्तराखंड की सोशल मीडिया व्लॉगर ज्योति अधिकारी ने शनिवार देर शाम फेसबुक लाइव के दौरान जहर खाकर या फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। रानी बाग स्थित शीतला माता मंदिर के पास घने जंगलों से किए गए इस 25 मिनट के लाइव वीडियो ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी। आनन-फानन में पुलिस टीम ने लोकेशन ट्रेस कर ज्योति को बरामद किया और अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
ज्योति ने अपने आखिरी वीडियो में रोते हुए आरोप लगाया कि एक अन्य महिला व्लॉगर सुनीता भट्ट लगातार उनके चरित्र पर कीचड़ उछाल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विपक्षी पक्ष की शिकायतों पर तो तुरंत एफआईआर दर्ज कर रही है, लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। वीडियो में उन्होंने अपने पति ‘अधिकारी जी’ से माफी मांगते हुए कहा कि अब उनके पास मौत के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने सख्त एक्शन लिया। तीन दिन पहले चौपाटी बाजार में ज्योति और सुनीता भट्ट के बीच सरेराह हुई मारपीट के दौरान वहां मौजूद महिला दरोगा और तीन सिपाहियों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया था। एसएसपी ने इस ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताते हुए इन चारों महिला कर्मियों को दुर्गम पहाड़ी थानों में भेजने का फैसला किया है।
एसएसपी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, अराजकता का तमाशा देखना नहीं। उन्होंने साफ किया कि जिन पुलिसकर्मियों को मॉडलिंग या व्लॉगिंग में अधिक रुचि है, वे तत्काल वर्दी त्याग दें। वर्तमान में ज्योति अधिकारी का इलाज चल रहा है और पुलिस सोशल मीडिया पर जारी इस आपसी रंजिश के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।









