Uttarakhand News : चारधाम यात्रा और आगामी पर्यटन सीजन से ठीक पहले उत्तराखंड के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है। मंगलवार से नई एसओपी (SOP) लागू कर दी गई है, जिसके तहत व्यावसायिक इकाइयों के लिए गैस की नियमित आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है।
पश्चिमी एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने से पिछले कुछ दिनों से पूरे राज्य में गैस की भारी किल्लत हो गई थी। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि मेडिकल कॉलेजों की कैंटीन में लकड़ियों के चूल्हे जलने लगे थे और राज्य सरकार को व्यावसायिक उपयोग के लिए बैकअप के तौर पर फायरवुड (लकड़ी) तक मुहैया कराने की तैयारी करनी पड़ी थी।
अब पर्यटन व्यवसाय को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने नया फॉर्मूला लागू किया है।
नई व्यवस्था के तहत अब होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को उनकी दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत कोटा अनिवार्य रूप से आवंटित किया जाएगा। खाद्य सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि आपूर्ति की जिम्मेदारी बाजार हिस्सेदारी के अनुरूप प्रमुख तेल कंपनियों (आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल) को सौंपी गई है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को पहले की तरह ही गैस मिलती रहेगी।
कोटे के बंटवारे में सबसे बड़ी प्राथमिकता रेस्टोरेंट और ढाबों को मिली है। इन्हें कुल आवंटन का 37 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसके बाद होटल और रिसॉर्ट्स के लिए 28 प्रतिशत और जीवन रक्षक दवाएं बनाने वाली फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए 7 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है। इसके अलावा सरकारी गेस्ट हाउस, औद्योगिक कैंटीन और पीजी छात्रावासों को 6-6 प्रतिशत जबकि डेयरी व होमस्टे को 5-5 प्रतिशत गैस मिलेगी।
जिलों में मौजूद कॉमर्शियल कनेक्शनों की संख्या के आधार पर भी गैस का कोटा निर्धारित कर दिया गया है। इसमें सबसे ज्यादा 31 प्रतिशत हिस्सा देहरादून को मिला है। हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत और चमोली को 6 प्रतिशत गैस मिलेगी। गैस एजेंसियों द्वारा होम डिलीवरी शुरू करने के बाद अब गोदामों के बाहर लगने वाली भीड़ खत्म होने लगी है और विकासनगर व हरबर्टपुर जैसे इलाकों में स्थिति सामान्य हो रही है।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट किया है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राज्य में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन पहले ही देहरादून के कई होटल-ढाबों से कॉमर्शियल इस्तेमाल में लिए जा रहे 5 घरेलू सिलेंडरों को जब्त कर चुका है।









