पंतनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले और कृषि उद्योग प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य की अर्थव्यवस्था में अन्नदाता ‘असली नायक’ की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आय दोगुनी करने के विजन पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
खेतों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए राज्य सरकार को केंद्र से 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त प्राप्त हो गई है, जिससे घेराबंदी का कार्य तेज किया जाएगा। सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्रदेश के 9 लाख से अधिक किसानों को मिल रहा है।
किसानों की वित्तीय जरूरतों को देखते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार 3 लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी ब्याज के उपलब्ध करा रही है।
उत्तराखंड अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नकदी फसलों और बागवानी में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश मशरूम उत्पादन में देश के शीर्ष 5 राज्यों में शामिल हो गया है, जहां वर्तमान में 27 हजार मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। वहीं, शहद उत्पादन में उत्तराखंड 3300 मीट्रिक टन के साथ देश में 8वें स्थान पर है। सरकार अब राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित कर रही है और बाजार की मांग को देखते हुए ड्रैगन फ्रूट की खेती पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए 1200 करोड़ रुपये की नई सेब नीति लागू की गई है। आय बढ़ाने के लिए 200 करोड़ रुपये के बजट से पॉलीहाउस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस तैयार हो चुके हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि इस चार दिवसीय मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां प्रतिदिन लगभग 20 हजार किसान आधुनिक तकनीकों और बीज संशोधनों की जानकारी ले रहे हैं।









