दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (01 अक्टूबर) : भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने सीमा पार एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जो अब तक किसी भारतीय किशोर के हिस्से नहीं आया था। दुनिया भर में भविष्य की दशा तय करने वाले प्रभावशाली चेहरों को रेखांकित करने वाली अमेरिकी पत्रिका टाइम की ‘TIME 100 Next’ सूची में उन्हें आधिकारिक तौर पर स्थान मिला है। महज 15 बरस के वैभव इस पूरी अंतरराष्ट्रीय फेहरिस्त में सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं।
‘फीनॉम’ श्रेणी में दुनिया के चुनिंदा एथलीटों के बीच बनाई जगह
टाइम पत्रिका ने भारतीय युवा बल्लेबाज को ‘फीनॉम’ (Phenom) वर्ग में चुना है। इस वैश्विक सूची में खेल जगत से कुल सात हस्तियों को जगह मिली है, जिनमें वैभव अकेले एशियाई क्रिकेटर हैं। उनके साथ अमेरिकी फुटबॉल के चर्चित क्वार्टरबैक आर्च मैनिंग, एनबीए के स्टार गार्ड टाइरीस मैक्सी, अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम की डिफेंडर नाओमी गिरमा, स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन, फिलीपींस की उभरती टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला और महिला कॉलेज बास्केटबॉल की शीर्ष खिलाड़ी ओलिविया माइल्स शामिल हैं। इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय नामों के बीच 15 साल के एक भारतीय किशोर का शीर्ष पर उभरना भारतीय खेलों के बढ़ते दायरे को रेखांकित करता है।
13 साल में आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट और टी20 इतिहास का सबसे तेज रिकॉर्ड
बिहार के समस्तीपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज का सफर बेहद तेज रफ्तार से आगे बढ़ा है। 2024 की आईपीएल (IPL) नीलामी में जब राजस्थान रॉयल्स ने महज 13 वर्ष की उम्र में उन पर दांव लगाया था, तब वे टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे।
इसके अगले ही सीजन उन्होंने प्रतिस्पर्धी टी20 क्रिकेट में पर्दापण किया। मैदान पर उतरते ही उन्होंने ऐसा तूफान खड़ा किया कि पुरुषों के पेशेवर टी20 प्रारूप में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए।
सचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़कर पहुंचे टीम इंडिया तक
घरेलू क्रिकेट में रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबलों से लेकर भारतीय अंडर-19 टीम तक, उनका बल्ला लगातार रन उगलता रहा। उसी असाधारण निरंतरता के बूते उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में दस्तक दी। टीम इंडिया के लिए अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते ही उन्होंने दिग्गज सचिन तेंदुलकर के सबसे युवा भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने का दशकों पुराना कीर्तिमान ध्वस्त कर दिया। मौजूदा समय में वे एशियाई खेलों के भारतीय दल में भी सबसे कम उम्र के प्रतिनिधि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।









