देहरादून (04 अक्टूबर 2026): राजधानी में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए दून पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात एक बड़ा अभियान छेड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के बाद पुलिस महकमे ने नगर से लेकर देहात तक एक साथ कई इलाकों में दबिश दी। इस विशेष अभियान को ‘ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक’ नाम दिया गया था, जिसके तहत प्रमुख मार्गों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक पुलिस का कड़ा पहरा नजर आया।
होटल, पब और रेस्तरां में औचक छापेमारी
अभियान के दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न होटलों, बार, पब और रेस्तरां में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए प्रतिष्ठानों के दस्तावेजों और वहां मौजूद लोगों की संलिप्तता की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना और यह सुनिश्चित करना था कि तय नियमों का सख्ती से पालन हो रहा है।

सड़कों पर उतरी पुलिस, दो हजार लोगों से पूछताछ
चेकिंग के दौरान पुलिस टीमों ने 1800 से ज्यादा वाहनों की बारीकी से जांच की। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो हजार लोगों को रोककर उनसे पूछताछ की गई। सुरक्षा मानकों पर खरा न उतरने वाले और अनावश्यक रूप से घूम रहे 35 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पुलिस ने इन सभी संदिग्धों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद 81 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की।
नशे में गाड़ी चलाने वालों पर सबसे बड़ी गाज
सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। अभियान के दौरान शराब के नशे में गाड़ी दौड़ा रहे 18 वाहन चालकों को गिरफ्तार किया गया और उनके वाहन सीज कर दिए गए। इसके अलावा, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अन्य चालकों पर भी जुर्माना लगाया गया, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया है।








