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सावधान: घरेलू नौकर और किरायेदार की जांच जरूरी, दून पुलिस ने दी सख्त हिदायत

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 15 Oct 2026 03:42 PM IST

देहरादून में किरायेदार का सत्यापन न कराने वाले 66 मकान मालिकों पर 6.6 लाख का जुर्माना। रायपुर व पटेलनगर में 900 लोगों की जांच और 30 संदिग्ध हिरासत में।

dehradun police verification

मुख्य बातें

  • 66 मकान मालिकों पर 6 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना।
  • 900 से अधिक किरायेदारों और 23 जमानतशुदा अभियुक्तों का भौतिक सत्यापन।
  • संदिग्ध हालत में घूम रहे 30 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

देहरादून (15 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में बिना पुलिस सत्यापन किरायेदार और घरेलू नौकर रखने वाले मकान मालिकों पर पुलिस का डंडा चल गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पटेलनगर और रायपुर थाना क्षेत्रों में चले बड़े चेकिंग अभियान में पुलिस ने 66 मकान मालिकों पर 83 पुलिस एक्ट के तहत कुल 6 लाख 60 हजार रुपये का भारी जुर्माना ठोका है।

यानी प्रत्येक लापरवाह मकान मालिक को 10-10 हजार रुपये का चालान भरना पड़ा है। त्योहारी सीजन से पहले शहर की सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस टीमों ने अचानक कॉलोनियों में दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

किरायेदार का सत्यापन नहीं कराया तो दस हजार जुर्माना

देहरादून पुलिस के अनुसार, शहर के बाहरी इलाकों और घनी बस्तियों में बिना पहचान पत्र और बिना पुलिस जांच के लोगों को किराये पर रखने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को देखते हुए रायपुर और पटेलनगर थाने की अलग-अलग टीमों ने संयुक्त अभियान छेड़ा। जांच के दौरान 900 से अधिक किरायेदारों और बाहरी कामगारों के दस्तावेजों की मौके पर ही पड़ताल की गई।

जिन मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों और घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया था, पुलिस ने मौके पर ही उनके चालान काटे। पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों में ढिलाई बरतने वालों को अब कोई मोहलत नहीं मिलेगी।

पुलिस एक्ट की धारा 83 में नपे मकान मालिक

उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत हर भवन स्वामी के लिए अपने किरायेदार, पेइंग गेस्ट और घरेलू नौकरों का पुलिस सत्यापन कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इस नियम का उल्लंघन करने पर सीधे 10 हजार रुपये के अदालती या पुलिस चालान का प्रावधान है। अक्सर मकान मालिक किराये के लालच में पहचान पत्रों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे आपराधिक तत्वों को छिपने का मौका मिल जाता है।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी बिना सत्यापन वाले किरायेदार की किसी जुर्म में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी धाराओं में सह-आरोपी के तौर पर जांच की जा सकती है।

हिरासत में 30 संदिग्ध, जमानत वाले अपराधियों पर शिकंजा

इस व्यापक अभियान के दौरान पुलिस केवल किरायेदारों की जांच तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि विभिन्न मुकदमों में जेल से जमानत पर बाहर चल रहे 23 पुराने आरोपियों के घरों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन भी किया गया। पुलिस ने इन सभी को दोबारा किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल न होने की अंतिम चेतावनी दी।

वहीं, चौराहों और गलियों में बिना किसी ठोस वजह के संदिग्ध हालत में घूम रहे 30 लोगों को हिरासत में लेकर संबंधित थानों में लाया गया। थाने में उनके फिंगरप्रिंट, मूल पते और आपराधिक रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल की गई। पुलिस का यह सत्यापन अभियान आने वाले दिनों में शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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