ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

देहरादून : पेंशन और राशन का संकट खत्म, 15 बेसहारा बुजुर्ग महिलाओं का मौके पर हुआ आधार अपडेट

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 23 Oct 2026 05:26 PM IST

देहरादून के मदर टेरेसा स्नेह सदन में 78 बुजुर्ग महिलाओं की मुफ्त जांच हुई। 15 महिलाओं की आधार केवाईसी अपडेट कर पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया।

Mother Teresa Sneh Sadan

मुख्य बातें

  • बायोमीट्रिक केवाईसी से 15 बुजुर्ग महिलाओं के लिए पेंशन योजनाएं सुलभ हुईं।
  • 78 वृद्ध महिलाओं की शारीरिक, मानसिक व दंत जांच कर दवाएं दी गईं।
  • मोतियाबिंद पीड़ित महिलाओं की मुफ्त सर्जरी के लिए सुभारती अस्पताल से समन्वय।

देहरादून (23 अक्टूबर) : दस्तावेजों की कमी या बायोमीट्रिक गड़बड़ी के चलते अक्सर आश्रमों में रहने वाले बेसहारा बुजुर्ग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से कट जाते हैं। इसी जमीनी अड़चन को दूर करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), देहरादून ने मदर टेरेसा स्नेह सदन में विशेष स्वास्थ्य और आधार शिविर आयोजित किया। शिविर में जहां 78 वृद्ध महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां और सहायक उपकरण सौंपे गए, वहीं मौके पर ही 15 महिलाओं की आधार केवाईसी अपडेट कराई गई, ताकि उनकी वृद्धावस्था पेंशन और राशन से जुड़ी रुकावटें खत्म हो सकें।

स्नेह सदन में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ बायोमीट्रिक अपडेट

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के दिशा-निर्देशों और देहरादून के जिला जज हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में यह संवेदनशील कदम उठाया गया। डीएलएसए सचिव सीमा दुर्गाकोटी ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आश्रम की महिलाओं से सीधा संवाद किया। जांच के दौरान जिन महिलाओं में मोतियाबिंद की पुष्टि हुई है, उनके लिए सुभारती अस्पताल के सहयोग से निःशुल्क शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इसके अलावा बुजुर्गों की दैनिक गतिशीलता को सहज बनाने के लिए व्हीलचेयर, वॉकिंग स्टिक, मेडिकल किट, बेडशीट और इनकॉन्टिनेंस ब्रीफ किट बांटी गईं।

बायोमीट्रिक अड़चन और कानूनी अधिकारों की जानकारी का अभाव

आश्रमों में रहने वाली अधिकतर वृद्ध महिलाओं को या तो उनके विधिक अधिकारों की जानकारी नहीं होती या फिर अंगूठे के निशान न मिलने और दस्तावेज अधूरे रहने से वे सरकारी डेटाबेस से बाहर हो जाती हैं। शिविर में आधार केंद्र के ऑपरेटरों ने विशेष मशीनें लगाकर 15 महिलाओं के रिकॉर्ड को तुरंत दुरुस्त किया। डीएलएसए सचिव ने महिलाओं को नालसा (NALSA) की राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण और वरिष्ठ नागरिक कल्याण अधिनियम के तहत कानूनी सहायता पाना प्रत्येक बुजुर्ग का अधिकार है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होता।

फॉलोअप जांच और सर्जरी की निगरानी करेंगे विधिक कार्यकर्ता

सुभारती अस्पताल के नेत्र, दंत, मनोरोग और सामान्य फिजिशियन विशेषज्ञों की टीम ने परीक्षण के बाद आवश्यक दवाएं बांटीं। शिविर केवल औपचारिक जांच तक सीमित न रहे, इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रशिक्षित प्राविधिक कार्यकर्ताओं (पीएलवी) को जिम्मेदारी सौंपी है। ये कार्यकर्ता मोतियाबिंद के मरीजों को अस्पताल ले जाने, ऑपरेशन कराने और ठीक होने तक पूरे मामले की निगरानी करेंगे। साथ ही, जिन महिलाओं की केवाईसी अपडेट हुई है, उनके पेंशन आवेदन समाज कल्याण विभाग में तेजी से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment