देहरादून (23 अक्टूबर) : मोबाइल और डिजिटल स्ट्रीमिंग के बढ़ते प्रभाव के बीच दून घाटी की सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर से नई पीढ़ी का जुड़ाव लगातार मजबूत दिख रहा है। श्री झंडा बाजार की प्राचीन रामलीला समिति द्वारा आयोजित ऐतिहासिक रामलीला का शुक्रवार को भगवान श्री राम के भव्य राजतिलक के साथ विधिवत विश्राम हुआ।
इस समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने युवाओं की भारी मौजूदगी पर खुशी जताई और धर्म-सत्य के शाश्वत संदेश को आज के सामाजिक परिप्रेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक बताया।
इंटरनेट युग में युवा पीढ़ी का रामलीला से गहरा जुड़ाव
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं और युवाओं के विशाल हुजूम को संबोधित करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि आज जब दुनिया इंटरनेट और सैटेलाइट मीडिया के इर्द-गिर्द सिमट चुकी है, ऐसे दौर में भी दून की युवा पीढ़ी का अपनी परंपराओं और मंचन कला से जुड़ना एक सुखद संकेत है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन केवल एक कथा नहीं, बल्कि मर्यादित समाज निर्माण का व्यावहारिक मार्गदर्शक है। स्थानीय बाजार क्षेत्र में मंचन के दौरान युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन ने यह साबित किया है कि सांस्कृतिक जड़े आज भी पूरी मजबूती से कायम हैं।
विभीषण प्रसंग और सत्य के रथ पर विजय की सीख
धस्माना ने रामचरितमानस के लंका कांड के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जब रावण के दिव्य रथ और मायावी अस्त्र-शस्त्र देखकर विभीषण अधीर हो गए थे, तब प्रभु राम ने स्पष्ट किया था कि अधर्मी के पास साधन हो सकते हैं, लेकिन सत्य नहीं। उन्होंने ‘रावन रथी बिरथ रघुबीरा…’ चौपाई सुनाते हुए संदेश दिया कि भौतिक चकाचौंध के सामने सत्य और सदाचार की ही अंतिम विजय होती है। इस प्रसंग के दौरान समूचा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
ऐतिहासिक परंपरा के सम्मान संग विधिवत समापन की औपचारिकताएं
मंचन के समापन पर प्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष आर.एस. महेन्द्रू, सचिव एस.पी. शर्मा और संरक्षक शोषित माणिक ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाकर और श्रीराम दरबार का चित्र भेंट कर नागरिक अभिनंदन किया। झंडा बाजार क्षेत्र में 150 वर्षों से अधिक पुरानी इस मंचन परंपरा के सकुशल संपन्न होने पर समिति ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और दून की जनता का आभार जताया। राजतिलक के बाद आयोजित महाआरती और प्रसाद वितरण में देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।




