12.47 लाख की धोखाधड़ी: झांसा देकर ठगे गए हवलदार, आरोपी अब हिरासत में

फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है कि इस गिरोह का सरगना कौन है। पुलिस मामले की तह तक जाएगी। उन्होंने बताया कि दादरी शहर के प्रेमनगर निवासी पवन कुमार सेना में हवलदार हैं और उनकी शिकायत पर दादरी साइबर थाना पुलिस ने एक नवंबर को इस संबंध में केस दर्ज किया था।
12.47 लाख की धोखाधड़ी: झांसा देकर ठगे गए हवलदार,आरोपी अब हिरासत में 
आरएनएस, दादरी (हरियाणा)

चरखी-दादरी में टास्क जीतने के नाम पर सेना के हवलदार से 12.47 लाख ठगने के मामले में दादरी साइबर थाना पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी राजस्थान से हुई है और उनसे पहले भी दादरी पुलिस राजस्थान निवासी 8 आरोपियों को काबू कर चुकी है। हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से 30 एटीएम, 7 मोबाइल, 6 चैक बुक, 7 पासबुक, 1.13 लाख और मारुति कार बरामद हुई है।

मंगलवार दोपहर बाद दादरी डीएसपी हेडक्वार्टर धीरज कुमार ने प्रेसवार्ता कर आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि फिलहाल आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और रिमांड अवधि पूरी होने तक कई खुलासे होने की उम्मीद है। डीएसपी ने बताया कि राजस्थान में बैठकर दूसरे प्रदेशों के लोगों से ठगी करने वाला यह बड़ा नेटवर्क है।

फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है कि इस गिरोह का सरगना कौन है। पुलिस मामले की तह तक जाएगी। उन्होंने बताया कि दादरी शहर के प्रेमनगर निवासी पवन कुमार सेना में हवलदार हैं और उनकी शिकायत पर दादरी साइबर थाना पुलिस ने एक नवंबर को इस संबंध में केस दर्ज किया था। मामले की जांच करते हुए पुलिस अब तक 14 आरोपियों को काबू कर चुकी है जबकि अभी और भी गिरफ्तारी संभव है।

यूं की गई थी हवलदार से ठगी

शिकायतकर्ता पवन कुमार पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 13 अक्तूबर को उसके पास एक कॉल आई। इसमें उसे होटल के प्रमोशन की जानकारी दी गई। बाद में कॉल करने वाले ने कहा कि और जानकारी टेलीग्राम पर देगा। जब पवन ने टेलीग्राम एप देखा तो इसमें कई संदेश आए हुए थे। इनमें से उन्होंने प्रियंका नाम के अकाउंट पर बातचीत की। इसमें आरोपी ने उन्हें टास्क जीतने के बारे में बताया।

इसके बाद पवन ने दो टास्क पूरे किए। पहली बार में उन्हें 210 व दूसरी बार 100 रुपये मिले। बाद में उनके पास टास्क निवेश के लिए कई बार संदेश आए। इसमें सबसे पहले उन्होंने 1000 रुपये निवेश किए। इसमें 1480 रुपये मिले। बाद में उन्होंने अधिक रुपये कमाने के लालच में ठग के खातों में और रुपये डाल दिए।

20 अक्तूबर को जब उन्होंने रुपये निकालने की कोशिश की तो रुपये नहीं निकले। इसके बाद पवन के पास एक संदेश आया। इसमें लिखा था कि टास्क अभी अधूरा है, और रुपये निवेश करो। इसके बाद उन्होंने पांच ट्रांजेक्शन से रुपये भेजकर निकालने की कोशिश की तो भी रुपये नहीं निकले।

एसएसआई संजीत की टीम ने राजस्थान से दबोचे यह आरोपी

डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक संजीत कुमार की टीम ने राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान अलीपुर निवासी प्रीतम कुमार, यतिन मीना व अभिषेक मीना समेत चंदनहोली निवासी विकास कुमार, ताजपुरा निवासी हरिओम व मदाल निवासी रामलखन के रूप में हुई है।

पहले गिरफ्तार किए गए यह आठ आरोपी

छह आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले पुलिस आठ और आरोपियों को काबू कर चुकी है। उनमें लोहावत निवासी दिनेश बिश्नोई, नवलगढ़ निवासी अनवर व सचिन, चंदनपुरा निवासी जगदीश प्रसाद, गंगानगर निवासी वाकिल सिंह, दामदिया निवासी विक्रम, अनूपगढ़ निवासी दिनेश कुमार और गंगानगर निवासी रोहित शामिल है।

विदेशी करेंसी में ठगी की राशि निवेश करता है गिरोह

डीएसपी ने बताया कि 14 आरोपियों में से 5 ऐसे हैं जो बैंक खाता मुहैया कराते थे। इसके अलावा ठगी की जो राशि आती है उसे विदेशी वर्चुअल करेंसी खरीदने में प्रयोग करते और उसके बाद उसे बेकर मुनाफा करते थे। गिरोह के तार विदेशों से भी जुड़ी होने की संभावना है।

Share this story