Health Tips : पेशाब रोकने की आदत से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, जानें कैसे बचें

Health Tips : पेशाब को लंबे समय तक रोकने से सेहत को हो सकते हैं गंभीर नुकसान। जानें यूरिन रोकने से होने वाली समस्याएं जैसे यूरिन इंफेक्शन, किडनी स्टोन और ब्लैडर की कमजोरी। इस आदत को बदलने के लिए आज ही सावधान हो जाएं।
Health Tips : पेशाब रोकने की आदत से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, जानें कैसे बचें

Health Tips : क्या आपको भी पेशाब रोकने की आदत है? कई बार हम यात्रा के दौरान, ऑफिस में काम करते वक्त या घर पर व्यस्त होने की वजह से बाथरूम जाने में देरी कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है?

जब हम पेशाब को लंबे समय तक रोकते हैं, तो ब्लैडर में यूरिन जमा हो जाता है, जो कई तरह की समस्याओं को जन्म दे सकता है। आइए जानते हैं कि पेशाब को बार-बार रोकने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं और हमें इस आदत को कैसे बदलना चाहिए।

पेशाब करते समय दर्द की शिकायत हो सकती है

अगर आप लंबे समय तक पेशाब को रोकते हैं, तो ब्लैडर और किडनी पर दबाव पड़ता है। इससे न सिर्फ असहजता होती है, बल्कि पेशाब करते वक्त जलन और दर्द भी महसूस हो सकता है

। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर की मांसपेशियों में खिंचाव रह जाता है। इस वजह से पेल्विक फ्लोर में ऐंठन की समस्या होने लगती है, जो काफी परेशान करती है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है

जब हम पेशाब को लंबे समय तक रोकते हैं, तो ब्लैडर में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर तब, जब पेशाब करने के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह से खाली नहीं होता और उसमें कुछ मात्रा में यूरिन रह जाता है।

इस बचे हुए यूरिन में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) होने की आशंका बढ़ जाती है। यह समस्या खासकर महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है।

पेशाब का रिसाव शुरू हो सकता है

लगातार पेशाब रोकने की आदत ब्लैडर की मांसपेशियों को कमजोर कर सकती है। जब ब्लैडर की मांसपेशियां बार-बार स्ट्रेच होती हैं, तो वे ढीली पड़ने लगती हैं।

इससे पेल्विक फ्लोर की ताकत कम हो जाती है और पेशाब को रोकने की क्षमता प्रभावित होती है। नतीजा यह होता है कि पेशाब का रिसाव यानी यूरिन लीकेज की शिकायत शुरू हो सकती है, जो काफी असहज और शर्मिंदगी भरी स्थिति पैदा करती है।

किडनी स्टोन बनने की आशंका बढ़ती है

पेशाब में कई तरह के मिनरल्स जैसे यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सलेट मौजूद होते हैं। जब आप पेशाब को लंबे समय तक रोकते हैं, तो ये मिनरल्स ब्लैडर में जमा होकर स्टोन का रूप ले सकते हैं।

यह स्थिति किडनी या ब्लैडर में पथरी बनने का कारण बनती है, जिसके इलाज में काफी समय और परेशानी हो सकती है।

ब्लैडर की मांसपेशियां हो सकती हैं कमजोर

पेशाब को बार-बार रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं। ऐसा होने पर आपको पेशाब करने की जरूरत का अहसास कम होने लगता है।

इसका मतलब यह है कि ब्लैडर सामान्य रूप से काम करना बंद कर देता है और पेशाब को रिलीज करने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। यह स्थिति लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

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