Health Tips : आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी से हो सकती हैं ये बीमारियां, जानें इसका इलाज

Health Tips : आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी से पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है और कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। जानें इसके लक्षण, कारण और इसे ठीक करने के आसान उपाय।
Health Tips : आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी से हो सकती हैं ये बीमारियां, जानें इसका इलाज

Health Tips : हमारा शरीर कई छोटे-छोटे बैक्टीरिया, फंगी और वायरस का घर है, जो मिलकर हमारी आंतों में एक हेल्दी माइक्रोबायोम बनाते हैं। ये गुड बैक्टीरिया हमारे खाने को पचाने में मदद करते हैं और शरीर को तंदुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

लेकिन अगर किसी वजह से आंतों में इन गुड बैक्टीरिया की संख्या कम हो जाए, तो पाचन तंत्र ही नहीं, बल्कि स्किन, बालों, दिमाग और इम्यूनिटी तक पर बुरा असर पड़ने लगता है।

ऐसे में ये समझना जरूरी है कि हमारे शरीर में क्या-क्या बदलाव दिखते हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है। चलिए जानते हैं कि गुड बैक्टीरिया की कमी से कौन-सी परेशानियां हो सकती हैं और इससे कैसे निपटा जा सकता है।

बालों का झड़ना और पतला होना

अगर आपके बाल अचानक से बहुत ज्यादा झड़ने लगे हैं या पहले से ज्यादा पतले हो गए हैं, तो इसके पीछे आंतों की खराब सेहत भी हो सकती है। आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी से पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का बनना कम हो जाता है।

जिससे पोषक तत्व ठीक से अब्सॉर्ब नहीं हो पाते। नतीजा यह होता है कि बालों को जरूरी पोषण नहीं मिलता और वो कमजोर होकर टूटने लगते हैं। ऐसे में अपनी डाइट में प्रोबायोटिक्स वाली चीजें जैसे दही, छाछ और अचार को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

स्किन की समस्याओं का बढ़ना

क्या आपने कभी सोचा है कि स्किन पर बार-बार होने वाली परेशानियां जैसे एक्जिमा, सोरायसिस, रूखापन या खुजली का कारण आपकी आंतें भी हो सकती हैं? जी हां, जब आंतों में गुड बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, तो हानिकारक बैक्टीरिया स्किन तक पहुंचने लगते हैं।

इससे स्किन में जलन और इंफेक्शन जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इसे ठीक करने के लिए फाइबर से भरपूर खाना, खूब पानी पीना और प्रोबायोटिक्स लेना शुरू करें।

दिमाग और मेंटल हेल्थ पर असर

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिड़चिड़ापन और बेचैनी तो आम बात हो गई है। लेकिन अगर ये परेशानियां बार-बार हो रही हैं या रात को नींद टूटने के बाद दोबारा नींद नहीं आती, तो ये भी आंतों की खराब सेहत का नतीजा हो सकता है।

आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया दिमाग के लिए जरूरी न्यूरोट्रांसमिटर जैसे सेरोटोनिन बनाते हैं। इनकी कमी से मेंटल हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में ध्यान, योग और हेल्दी डाइट से इस कमी को पूरा करने की कोशिश करें।

पाचन तंत्र की परेशानियां

आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी का सबसे साफ असर पाचन तंत्र पर दिखता है। कब्ज, दस्त, पेट में गैस या ब्लोटिंग जैसी समस्याएं अगर बार-बार हो रही हैं, तो ये इस बात का संकेत हैं कि आपकी आंतों को मदद की जरूरत है।

इसके लिए जंक फूड से दूरी बनाएं और फाइबर युक्त चीजें जैसे हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज खाएं। साथ ही, प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स लेने से भी फायदा हो सकता है।

बार-बार सर्दी-जुकाम और कमजोर इम्यूनिटी

क्या आपको बार-बार सर्दी-जुकाम या छोटे-मोटे इंफेक्शन हो रहे हैं? अगर हां, तो ये आपकी कमजोर इम्यूनिटी की वजह से हो सकता है, जिसका सीधा कनेक्शन आंतों की सेहत से है।

हमारा इम्यून सिस्टम काफी हद तक आंतों पर निर्भर करता है। जब आंतों में गुड बैक्टीरिया कम हो जाते हैं, तो इम्यून सिस्टम भी कमजोर पड़ने लगता है।

इसे मजबूत करने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल, हल्दी वाला दूध और प्रोबायोटिक्स को अपनी डाइट में शामिल करें।

निष्कर्ष: अपनी आंतों की सेहत का ख्याल रखें

आंतों में गुड बैक्टीरिया की कमी न सिर्फ पाचन को प्रभावित करती है, बल्कि स्किन, बालों, दिमाग और इम्यून सिस्टम तक को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते इसकी कमी को पहचानें और इसे ठीक करने के लिए सही कदम उठाएं।

अपनी डाइट में प्रोबायोटिक्स और फाइबर को शामिल करें, खूब पानी पिएं और तनाव से दूर रहें। अगर आपको लगता है कि ये परेशानियां ज्यादा बढ़ रही हैं, तो एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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