Dehradun News : लच्छीवाला टोल प्लाजा पर बवाल, टोल प्लाजा को लेकर गरमाई सियासत

Dehradun News : देहरादून के लच्छीवाला टोल प्लाजा को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस, टैक्सी चालक यूनियन और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। हरीश रावत ने कहा, जन भावनाओं के लिए टोल प्लाजा शिफ्ट जरूरी। हादसे में 2 की मौत के बाद मुद्दा गरमाया।
Dehradun News : लच्छीवाला टोल प्लाजा पर बवाल, टोल प्लाजा को लेकर गरमाई सियासत 

Dehradun News : देहरादून में इन दिनों लच्छीवाला टोल प्लाजा को लेकर हंगामा मचा हुआ है। सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही के बीच अब सियासी शोर भी तेज हो गया है। कांग्रेस, रीजनल राष्ट्रवादी पार्टी और एयरपोर्ट टैक्सी चालक यूनियन ने टोल प्लाजा को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह टोल प्लाजा न सिर्फ आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, बल्कि जानलेवा हादसों का कारण भी बन रहा है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मैदान में कूद पड़े और धरने में शामिल होकर जनता की आवाज बुलंद की।

हादसे ने खोली टोल प्लाजा की पोल

कुछ दिन पहले लच्छीवाला टोल प्लाजा के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी और फिर टोल प्लाजा के पिलर से जा भिड़ा। इस भयानक हादसे में दो लोगों की जान चली गई। इसके बाद से स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और टोल प्लाजा को हटाने की मांग तेज हो गई। लोगों का कहना है कि यह टोल प्लाजा उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलें बढ़ा रहा है और अब तो यह जान का खतरा भी बन गया है। इस हादसे ने टोल प्लाजा की जगह को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे कांग्रेस ने अब अपने हाथ में लिया है।

हरीश रावत का बयान: जनता की भावनाओं का सम्मान जरूरी

धरने में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने साफ शब्दों में कहा, "जनता की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लच्छीवाला टोल प्लाजा को यहां से हटाना जरूरी है।" उनका मानना है कि यह मुद्दा सिर्फ सियासत का नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और सुविधा का है। हरीश रावत के इस बयान ने प्रदर्शन को और हवा दी। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने भी उनकी बात को दोहराते हुए कहा कि टोल प्लाजा को जनता की मांग के मुताबिक दूसरी जगह ले जाना ही सही कदम होगा।

सड़क से लेकर सियासत तक छाया मुद्दा

लच्छीवाला टोल प्लाजा का मामला अब सड़क से निकलकर सियासी गलियारों तक पहुंच गया है। कांग्रेस ने इसे जनता के हक की लड़ाई बताते हुए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है। दूसरी ओर, स्थानीय लोग और टैक्सी चालक भी इस मांग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर नारे गूंजे और लोगों ने सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की। यह साफ है कि यह मुद्दा अब सिर्फ टोल प्लाजा का नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का भी बन गया है।

देहरादून की सड़कों पर चल रही यह जंग अब देखने वाली होगी। क्या सरकार जनता की मांग को सुनेगी या यह प्रदर्शन सिर्फ शोर बनकर रह जाएगा? हरीश रावत और कांग्रेस की अगुवाई में यह आंदोलन कितना रंग लाएगा, यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना तय है कि लच्छीवाला टोल प्लाजा का मुद्दा लोगों के दिलों में गहरे तक उतर चुका है और अब इसे अनसुना करना आसान नहीं होगा।
 

Share this story